मानसून के मौसम में स्वस्थ आहार, सुपाच्य भोजन और बेहतर पाचन से जुड़ी प्रतीकात्मक तस्वीर। | Source: Freepikप्रतीकात्मक तस्वीर।Source : Freepik

मानसून का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं इस दौरान खानपान में लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में वातावरण में बढ़ी नमी, तापमान में बदलाव और दूषित पानी के कारण पाचन तंत्र प्रभावित हो सकता है। आयुर्वेद के अनुसार इस समय जठराग्नि कमजोर पड़ने की संभावना रहती है, इसलिए हल्का, ताजा और सुपाच्य भोजन करना लाभकारी माना जाता है।

मानसून के मौसम में स्वस्थ आहार, सुपाच्य भोजन और बेहतर पाचन से जुड़ी

हल्का और सुपाच्य भोजन करें

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून में ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जो आसानी से पच जाएं। पुराने चावल, गेहूं, जौ, मूंग दाल, लौकी, शहद और गुड़ जैसे खाद्य पदार्थ इस मौसम में उपयुक्त माने जाते हैं। हल्के खट्टे, मीठे और नमकीन स्वाद वाले भोजन भी लाभकारी हो सकते हैं।

मसालों में सेंधा नमक, काली मिर्च, दालचीनी और अदरक का सीमित मात्रा में उपयोग पाचन को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है। वहीं हल्दी और हींग का भी संतुलित मात्रा में इस्तेमाल किया जा सकता है।

भूख कम लगने पर क्या करें?

यदि किसी व्यक्ति को मानसून में भूख कम लगती है, तो भोजन से पहले अदरक के छोटे टुकड़े के साथ थोड़ा सेंधा नमक लिया जा सकता है। हालांकि, जिन लोगों को अम्लपित्त, सीने में जलन या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, उन्हें ऐसा करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

कच्चे और भारी भोजन से रखें दूरी

बारिश के मौसम में पाचन क्षमता कमजोर होने के कारण कच्चे खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखने की सलाह दी जाती है। सलाद, अंकुरित अनाज (स्प्राउट्स) और बिना पकी सब्जियां सावधानी के साथ ही खानी चाहिए।

इसके अलावा पालक, मेथी और पत्ता गोभी जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों में इस मौसम में कीटाणु या छोटे कीड़े होने की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए इन्हें अच्छी तरह साफ करके ही उपयोग करना चाहिए।

राजमा, छोले, उड़द की दाल, पनीर, जंक फूड, अधिक तैलीय, मसालेदार और भारी भोजन पाचन पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं। लंबे समय तक रखा हुआ या बासी भोजन भी खाने से बचना चाहिए।

कैफीन और ठंडे पेय पदार्थों से बचें

विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून में कोल्ड ड्रिंक, सोडा, कोल्ड कॉफी और अधिक कैफीन वाले पेय पदार्थों का सेवन कम करना बेहतर रहता है। इनके स्थान पर सूप, ग्रीन टी, हर्बल टी, तुलसी की चाय या अदरक की चाय जैसे विकल्प अपनाए जा सकते हैं, जो शरीर को गर्माहट देने के साथ पाचन में भी मदद कर सकते हैं।

बासी भोजन से बढ़ सकता है संक्रमण का खतरा

बरसात के मौसम में नमी अधिक होने के कारण भोजन जल्दी खराब हो सकता है। ऐसे में फ्रिज में रखा बासी खाना बार-बार गर्म करके खाने से बचना चाहिए। ताजा और स्वच्छ भोजन करना संक्रमण के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकता है।

नॉनवेज खाते समय बरतें सावधानी

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान समुद्री जीवों का प्रजनन काल होता है। ऐसे में मछली और अन्य समुद्री खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसलिए इस मौसम में नॉनवेज का सेवन सावधानी के साथ करने या आवश्यकता अनुसार उससे परहेज करने की सलाह दी जाती है।

कटे हुए फल और खुले खाद्य पदार्थ न खाएं

बारिश के मौसम में सड़क किनारे बिकने वाले कटे फल, गन्ने का रस और अन्य खुले खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। साथ ही तरबूज, खीरा और ककड़ी जैसे अधिक पानी वाले फलों का सेवन भी सीमित मात्रा में करने की सलाह दी जाती है।

मानसून में अपनाएं ये जरूरी सावधानियां

  • पानी हमेशा उबालकर या अच्छी तरह छानकर पिएं।
  • ठंडे पानी की जगह गुनगुना पानी पीना बेहतर माना जाता है।
  • स्वच्छ और ताजा भोजन का ही सेवन करें।
  • भोजन को लंबे समय तक खुला न छोड़ें।
  • व्यक्तिगत स्वच्छता और हाथों की सफाई का विशेष ध्यान रखें।