रेहान फ़ज़ल
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मथुरा के वृंदावन में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होते हुए कहा कि भारत का भविष्य एक हिंदू राष्ट्र के रूप में मजबूत होगा और इसे कोई भी ताकत रोक नहीं सकती। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक जड़ें बेहद मजबूत हैं और देश की पहचान उसकी सभ्यता और मूल्यों से जुड़ी हुई है।
भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि भारत तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और आने वाले 20 से 30 वर्षों में देश विश्वगुरु के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत दुनिया को सुख, शांति और सद्भाव का मार्ग दिखाएगा।
आरएसएस प्रमुख ने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश की संस्कृति, परंपरा और मूल्यों को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि समाज में एकता और अनुशासन के बिना किसी भी राष्ट्र का विकास संभव नहीं है।
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। समर्थकों ने उनके बयान का स्वागत किया है, जबकि कुछ विपक्षी दलों ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे विवादास्पद करार दिया।
