erer | Source: ererहैदराबाद। सोशल मीडिया पर दोस्ती और साथ घूमने-फिरने से जुड़े आकर्षक ऑफर अब साइबर ठगी का नया माध्यम बनते जा रहे हैं। हैदराबाद पुलिस ने ‘रेंट ए बॉयफ्रेंड’ के नाम से सोशल मीडिया पर प्रचारित किए जा रहे ऐसे कथित ऑफरों को लेकर लोगों, खासकर लड़कियों और महिलाओं को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। पुलिस के मुताबिक, साइबर ठग इंस्टाग्राम, फेसबुक और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर आकर्षक लड़कों की तस्वीरों के साथ ऐसे विज्ञापन प्रसारित कर रहे हैं और बाद में अलग-अलग शुल्क के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठने की कोशिश करते हैं।

सोशल मीडिया पर दिख रहा है ‘रेंट ए बॉयफ्रेंड’ का आकर्षक ऑफर

पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधी सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्टर और विज्ञापन साझा कर रहे हैं, जिनमें ‘बॉयफ्रेंड रेंट’ करने का दावा किया जाता है। इन विज्ञापनों में कॉफी डेट, फिल्म देखने, शॉपिंग करने या किसी के साथ घूमने जैसी सेवाओं के अलग-अलग पैकेज बताए जाते हैं। पहली नजर में ये विज्ञापन सामान्य मनोरंजन या साथी उपलब्ध कराने वाली ऑनलाइन सेवा जैसे दिखाई दे सकते हैं, लेकिन पुलिस ने लोगों को इनके पीछे छिपे साइबर धोखाधड़ी के खतरे से सावधान किया है।

हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर वी.सी. सज्जनार (IPS) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के माध्यम से लोगों को इस तरह के ऑनलाइन ऑफरों से सावधान रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि पार्टनर उपलब्ध कराने का दावा करने वाले ऐसे आकर्षक विज्ञापन साइबर ठगी का जरिया हो सकते हैं।

AI से बनी तस्वीरों का भी इस्तेमाल करने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, ठग इन विज्ञापनों को ज्यादा आकर्षक और भरोसेमंद दिखाने के लिए हैंडसम तथा आकर्षक युवकों की तस्वीरों का इस्तेमाल करते हैं। इनमें कुछ तस्वीरें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से बनाई गई हो सकती हैं, जबकि कुछ तस्वीरें इंटरनेट से चोरी की गई होने की आशंका है।

इन तस्वीरों और आकर्षक पैकेज के जरिए सोशल मीडिया यूजर्स को बातचीत शुरू करने के लिए प्रेरित किया जाता है। इसके बाद कथित तौर पर उन्हें अलग-अलग सेवाओं की जानकारी देकर भुगतान करने के लिए तैयार किया जाता है।

बातचीत शुरू होते ही सामने आता है पैसे का खेल

पुलिस के अनुसार, जैसे ही कोई व्यक्ति ऐसे विज्ञापन के संपर्क में आता है, साइबर ठग बातचीत के जरिए उसे अपने भरोसे में लेने की कोशिश करते हैं। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट या एडवांस बुकिंग जैसे अलग-अलग कारण बताकर पैसे मांगे जा सकते हैं।

पीड़ित से ऑनलाइन भुगतान कराने के लिए क्यूआर कोड या डिजिटल भुगतान ऐप का इस्तेमाल कराया जाता है। पुलिस के मुताबिक, भुगतान होने के बाद ठग संपर्क तोड़ सकते हैं और संबंधित व्यक्ति को सोशल मीडिया या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर ब्लॉक कर सकते हैं। इस तरह एक आकर्षक ऑफर के पीछे शुरू हुई बातचीत सीधे आर्थिक नुकसान में बदल सकती है।

पुलिस कमिश्नर ने माता-पिता को भी किया सतर्क

हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वी.सी. सज्जनार ने माता-पिता से भी बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि माता-पिता को यह ध्यान रखना चाहिए कि उनके बच्चे सोशल मीडिया पर किस तरह की पोस्ट देख रहे हैं, किन लोगों से बातचीत कर रहे हैं और ऑनलाइन संपर्क के बाद किन लोगों से मिलने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने अभिभावकों से स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर उचित निगरानी रखने की अपील की, ताकि बच्चे साइबर अपराधियों के जाल में न फंसें। पुलिस की चेतावनी में केवल आर्थिक ठगी ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन संपर्क के बाद निजी जानकारी साझा करने से जुड़े संभावित जोखिमों पर भी ध्यान देने की बात कही गई है।

‘फ्री डेट’ समझने की भूल पड़ सकती है महंगी

ऐसे विज्ञापनों में कॉफी डेट, मूवी कंपेनियन, शॉपिंग ट्रिप और साथ घूमने जैसी सेवाओं का उल्लेख किया जाता है। यही आकर्षक प्रस्ताव लोगों को अपनी ओर खींचने का काम कर सकते हैं। लेकिन पुलिस ने स्पष्ट रूप से सलाह दी है कि इंटरनेट पर किसी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध प्रोफाइल की ओर से दिए गए ऐसे ऑफर पर भरोसा करने से पहले पूरी सावधानी बरतनी चाहिए।

खास तौर पर किसी अजनबी के कहने पर रजिस्ट्रेशन, बुकिंग, सुरक्षा जमा या किसी अन्य शुल्क के नाम पर तत्काल भुगतान नहीं करना चाहिए। ऑनलाइन सामने आई तस्वीर या प्रोफाइल देखकर किसी व्यक्ति की वास्तविक पहचान और भरोसेमंद होने की पुष्टि नहीं की जा सकती।

साइबर ठगी से बचने के लिए क्या करें?

पुलिस की सलाह है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले संदिग्ध या अनजान प्रोफाइल से बातचीत करते समय सावधानी बरतें। किसी भी अनजान व्यक्ति को व्यक्तिगत जानकारी, बैंक संबंधी विवरण, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। इसी तरह किसी संदिग्ध ऑनलाइन सेवा के लिए बिना सत्यापन के एडवांस भुगतान करने से भी बचना चाहिए।

यदि किसी व्यक्ति को किसी ऑनलाइन ऑफर में धोखाधड़ी की आशंका हो तो उसे आगे भुगतान करने के बजाय तुरंत सावधान हो जाना चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति की ओर से भेजे गए क्यूआर कोड या भुगतान लिंक का इस्तेमाल करने से पहले भी उसकी विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है।

ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत

यदि कोई व्यक्ति इस तरह की साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो मामले की सूचना तुरंत साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दी जा सकती है। इसके अलावा आधिकारिक नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। साइबर ठगी की स्थिति में समय पर शिकायत करना महत्वपूर्ण है, ताकि संबंधित लेनदेन और मामले की जांच के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

सोशल मीडिया पर चमकदार ऑफर के पीछे छिपे खतरे से रहें सावधान

हैदराबाद पुलिस की चेतावनी ऐसे समय में सामने आई है जब सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह के आकर्षक ऑफर तेजी से लोगों तक पहुंचते हैं। ‘रेंट ए बॉयफ्रेंड’ जैसे विज्ञापनों में डेट, मूवी, शॉपिंग और घूमने जैसी सेवाओं का लालच देकर लोगों को संपर्क करने के लिए प्रेरित किए जाने का आरोप है। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट या एडवांस बुकिंग के नाम पर भुगतान कराया जा सकता है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले ऐसे आकर्षक ऑफरों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन सेवा के लिए पैसे भेजने या निजी जानकारी साझा करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करें। सावधानी ही इस तरह की साइबर ठगी से बचने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है।