भारत में पानी पुरी का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के मुंह में पानी आ जाता है। इसे कहीं गोलगप्पा कहा जाता है तो कहीं पुचका और गुपचुप। नाम अलग जरूर हैं, लेकिन कुरकुरी पूरी, चटपटा पानी, आलू और खट्टी-मीठी चटनी का स्वाद हर जगह लोगों को खूब पसंद आता है। देश के अलग-अलग हिस्सों में पानी पुरी बनाने और खाने का तरीका भी अलग है, लेकिन एक शहर में इसकी लोकप्रियता खास तौर पर चर्चा में रहती है।
पानी पुरी खाने के मामले में मुंबई का नाम सबसे आगे
पानी पुरी की लोकप्रियता की बात करें तो मुंबई का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। मुंबई की सड़क किनारे लगने वाली खाने की दुकानों और ठेलों पर पानी पुरी आसानी से मिल जाती है। बाजार, रेलवे स्टेशन, मॉल के आसपास और प्रमुख खाने-पीने वाले इलाकों में इसके ठेले नजर आ जाते हैं।
मुंबई में पानी पुरी को कई लोग रोजाना के हल्के नाश्ते या शाम के चटपटे स्नैक के तौर पर भी पसंद करते हैं। यही वजह है कि शहर की मशहूर स्ट्रीट फूड संस्कृति में पानी पुरी की खास जगह मानी जाती है।
मुंबई में पानी पुरी इतनी लोकप्रिय क्यों है?
मुंबई की तेज रफ्तार जिंदगी में ऐसा खाना लोगों को पसंद आता है, जिसे कम समय में खाया जा सके और जिसका स्वाद भी भरपूर हो। पानी पुरी इस पसंद पर बिल्कुल फिट बैठती है। कुछ दुकानों और ठेलों पर इसके पानी के कई स्वाद भी मिलते हैं।
किसी को तीखा पानी पसंद आता है तो कोई पुदीना, इमली, लहसुन या खट्टा-मीठा पानी पसंद करता है। अलग-अलग स्वाद और मसालों का यह मेल पानी पुरी को और ज्यादा आकर्षक बनाता है।
एक ही व्यंजन, लेकिन हर शहर में बदल जाता है नाम
पानी पुरी की सबसे दिलचस्प बात यह है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है। दिल्ली और उत्तर भारत के कई हिस्सों में इसे गोलगप्पा कहा जाता है। पश्चिम बंगाल में यह पुचका के नाम से मशहूर है।
ओडिशा और छत्तीसगढ़ में इसे गुपचुप कहा जाता है, जबकि उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में इसे पानी के बताशे भी कहा जाता है। नाम और स्वाद में अंतर होने के बावजूद इसकी मूल तैयारी लगभग समान रहती है।
पानी पुरी के अंदर आखिर क्या-क्या भरा जाता है?
आमतौर पर पानी पुरी की कुरकुरी पूरी में उबला हुआ आलू, चना और प्याज डाला जाता है। इसके बाद इमली या अन्य चटनी के साथ मसालेदार पानी भरा जाता है। पानी तैयार करने में पुदीना, धनिया, काला नमक और विभिन्न मसालों का इस्तेमाल किया जाता है।
अलग-अलग शहरों और दुकानों के अनुसार इसकी सामग्री और स्वाद में बदलाव देखने को मिलता है। कहीं तीखापन ज्यादा होता है तो कहीं खट्टे-मीठे स्वाद को प्राथमिकता दी जाती है।
अब पारंपरिक पानी पुरी से आगे बढ़ चुकी है इसकी दुनिया
समय के साथ पानी पुरी में भी कई तरह के प्रयोग होने लगे हैं। दही पानी पुरी और रगड़ा पानी पुरी जैसी किस्में लंबे समय से लोगों के बीच लोकप्रिय हैं। इसके अलावा अलग-अलग स्वाद वाले पानी के साथ भी इसे परोसा जाता है।
सोशल मीडिया के दौर में चीज और चॉकलेट जैसी फ्यूजन पानी पुरी की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आते रहे हैं। हालांकि पारंपरिक मसालेदार पानी पुरी का स्वाद आज भी बड़ी संख्या में लोगों की पहली पसंद बना हुआ है।
मुंबई की स्ट्रीट फूड संस्कृति में पानी पुरी का खास मुकाम
मुंबई की पहचान केवल पानी पुरी से नहीं है। वड़ा पाव, पाव भाजी, भेल पुरी और सेव पुरी जैसे कई स्ट्रीट फूड भी शहर की खाद्य संस्कृति का हिस्सा हैं। यहां आने वाले पर्यटक भी स्थानीय स्ट्रीट फूड का स्वाद लेने के लिए अलग-अलग इलाकों का रुख करते हैं।
इसी स्ट्रीट फूड संस्कृति के बीच पानी पुरी ने अपनी अलग पहचान बनाई है। यही कारण है कि मुंबई को पानी पुरी के लोकप्रिय शहरों में प्रमुखता से गिना जाता है।
पानी पुरी से जुड़े ये तथ्य भी हैं खास
पानी पुरी भारत के सबसे लोकप्रिय स्ट्रीट फूड में शामिल है और देश के ज्यादातर बड़े शहरों में इसका कोई न कोई स्थानीय रूप देखने को मिलता है। इसकी खासियत यह है कि एक ही तरह का व्यंजन अलग-अलग राज्यों में अलग नाम, सामग्री और स्वाद के साथ लोगों तक पहुंचता है।
सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के साथ पानी पुरी के पारंपरिक स्वाद के अलावा कई नए प्रयोग भी सामने आए हैं। इसके बावजूद तीखा पानी, कुरकुरी पूरी, आलू और चटनी का पारंपरिक मेल आज भी पानी पुरी को लोगों के पसंदीदा स्ट्रीट फूड में बनाए हुए है।
