लोकसभा में कांग्रेस और NDA। | Source: Chrome

लोकसभा में कांग्रेस और NDA।Source : Chrome

मानसून सत्र के बीच लोकसभा में सियासी हलचल बढ़ गई है। कांग्रेस ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को अगले तीन दिनों तक सदन में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने का निर्देश दिया है। पार्टी की ओर से जारी थ्री-लाइन व्हीप के बाद इसे महत्वपूर्ण संसदीय मुद्दों पर विपक्ष की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं, NDA ने भी अपने सांसदों को 10 अगस्त से दिल्ली में रहने के लिए कहा है।

कांग्रेस सांसदों को तीन दिन सदन में रहने का निर्देश

कांग्रेस संसदीय दल के मुख्य सचेतक कोडिकुन्निल सुरेश ने शुक्रवार को पार्टी के लोकसभा सांसदों के लिए थ्री-लाइन व्हीप जारी किया। इसमें सांसदों से 10, 11 और 12 अगस्त को सुबह 11 बजे से सदन की कार्यवाही खत्म होने तक मौजूद रहने को कहा गया है।पार्टी ने अपने सांसदों से यह भी कहा है कि इन दिनों लोकसभा में महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होनी है और सभी सदस्य पार्टी के रुख का समर्थन करें। निर्देश में अनुपस्थिति को गंभीरता से लेने की बात कही गई है।

महत्वपूर्ण मुद्दों पर होगी चर्चा

कांग्रेस के इस कदम के बाद संसद में उसकी आगामी रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी चाहती है कि उसके सभी सांसद सदन में मौजूद रहें, ताकि महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस के दौरान उसकी स्थिति मजबूती से रखी जा सके।मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच पहले से कई मुद्दों पर गतिरोध देखने को मिला है। ऐसे में तीन दिनों के लिए सांसदों की अनिवार्य मौजूदगी को कांग्रेस की तैयारियों का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

NDA ने भी सांसदों को दिल्ली में रहने को कहा

उधर, बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA ने भी अपने सांसदों को सोमवार यानी 10 अगस्त से दिल्ली में मौजूद रहने का निर्देश दिया है। हालांकि, NDA की ओर से कांग्रेस जैसा थ्री-लाइन व्हीप जारी किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।NDA के इस निर्देश को संसद में आने वाले महत्वपूर्ण विधायी कामकाज से जोड़कर देखा जा रहा है।

FCRA संशोधन विधेयक पर भी नजर

संसद में FCRA यानी Foreign Contribution Regulation Act संशोधन विधेयक को लेकर भी सरकार की तैयारियां चल रही हैं। माना जा रहा है कि NDA सांसदों को दिल्ली में रहने के निर्देश का संबंध इस विधेयक को सदन में आगे बढ़ाने की तैयारी से हो सकता है।अब 10 अगस्त से शुरू होने वाले अगले तीन दिन लोकसभा के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं। देखना होगा कि कांग्रेस और NDA की पूरी मौजूदगी के बीच सदन में किन मुद्दों पर बहस होती है और सरकार-विपक्ष के बीच सियासी टकराव किस दिशा में जाता है।