कैमूर, 17 जनवरी 2026: जिला पदाधिकारी महोदय के निदेश पर वन विभाग, बिहार सरकार की भूमि से संबंधित अवैध दखिल-खारिज मामले की जांच अपर समाहर्ता, कैमूर एवं अवर निबंधक, कैमूर (भभुआ) द्वारा संयुक्त रूप से की गई। इस जांच में प्रथम दृष्टया अनियमितताएँ सामने आई हैं।
जांच के क्रम में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित भूमि वास्तविक रूप से वन विभाग की है, जबकि प्रथम द्रष्टया प्रतीत होता है कि गलत मंशा के तहत अभिलेख में हेरफेर कर निजी व्यक्तियों के नाम दखिल-खारिज एवं जमाबंदी कायम कर दी गई है। जांच प्रतिवेदन में यह भी उल्लेखित है कि दखिल-खारिज की प्रक्रिया के दौरान तत्कालीन पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा अपने कर्तव्यों का समुचित निर्वहन नहीं किया गया।
जमा बंदी रद्दीकरण हेतु अपर समाहर्ता के न्यायालय में वाद दायर कर दिया गया है जिस पर कारवाई प्रारंभ की गई है। जिला पदाधिकारी महोदय ने बताया कि जांच में पाए गए तथ्यों के आधार पर दखिल-खारिज की प्रविष्टियाँ त्रुटिपूर्ण प्रतीत हो रही हैं। संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों पर नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की जायेगी।
जिला प्रशासन सरकारी भूमि की सुरक्षा एवं संरक्षण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इस प्रकार की अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
