देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक हावड़ा रेलवे स्टेशन के बाहर रविवार रात वह दृश्य देखने को मिला जिसकी अक्सर चर्चा तो होती है, लेकिन कार्रवाई शायद ही इतनी बड़े स्तर पर दिखाई देती है। हजारों यात्रियों की रोज़ाना आवाजाही वाले इस इलाके में सालों से लगी भीड़, अवैध कब्जों, ठेलों और अस्थायी दुकानों को लेकर प्रशासन पर लगातार सवाल उठते रहे थे। फुटपाथ संकरे हो चुके थे, स्टेशन के मुख्य द्वार तक पहुंचना मुश्किल होता जा रहा था, और ट्रैफिक जाम रोज़मर्रा की समस्या बन चुका था।इन्हीं शिकायतों और बढ़ती अव्यवस्था के बीच प्रशासन ने अचानक एंटी-एन्क्रोचमेंट ड्राइव शुरू किया—एक ऐसा अभियान जिसने चंद घंटों में स्टेशन के बाहर का पूरा नक्शा बदल दिया। रात में किए गए इस ऑपरेशन का मकसद साफ था: अवैध कब्जे हटाना, भीड़ कम करना और स्टेशन परिसर को व्यवस्थित बनाना।


कार्रवाई कैसे हुई?

रविवार देर रात पुलिस, RPF और नगरपालिका टीमों ने संयुक्त रूप से स्टेशन के बाहर बड़ी मशीनरी और बुलडोजर तैनात किए। पूरा इलाका पुलिस ने घेर लिया ताकि किसी तरह का विरोध या टकराव न हो। पहले से नोटिस दिए जाने के बावजूद कई अवैध दुकानें नहीं हटी थीं, इसलिए प्रशासन को कड़े कदम उठाने पड़े।मौके पर मौजूद टीमों ने गंगा घाट से स्टेशन रोड तक फैले अस्थायी ढांचे, खोखे और ठेलों को हटाना शुरू किया। कुछ दुकानदारों ने विरोध भी जताया, लेकिन भारी पुलिस बल के चलते स्थिति नियंत्रण में रही।


इलाके पर असर

इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई और रात के समय भीड़ इकट्ठा हो गई। कई लोगों ने इसे व्यवस्था सुधारने के लिए ज़रूरी कदम बताया, जबकि कुछ ने इसे आजीविका पर चोट कहा।स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई के बाद फुटपाथ खुला दिख रहा है, लेकिन सवाल उठ रहा है कि इतने बड़े पैमाने पर हटाए गए दुकानदारों का क्या होगा। प्रशासन ने अभी पुनर्वास पर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है।


सोशल मीडिया पर चर्चा

अभियान के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल होने लगीं।

कुछ लोगों ने इसे क़ानून व्यवस्था और सार्वजनिक जगहों की सुरक्षा के लिए सही बताया, जबकि कई लोगों ने दुकानदारों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था दिए हटाने पर आपत्ति जताई।प्रशासन का कहना है कि यह अभियान लंबे समय से पेंडिंग था।स्टेशन के बाहर पैदल यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही थी।लगातार बढ़ते अवैध ढांचे से ट्रैफिक और सुरक्षा दोनों प्रभावित हो रहे थे।अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में ऐसे और अभियान चलाए जा सकते हैं।