रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच एक दुखद खबर सामने आई है। रूस की राजधानी मॉस्को क्षेत्र में यूक्रेन के बड़े ड्रोन हमले के दौरान एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य भारतीय घायल हो गए। इस घटना की पुष्टि रूस स्थित भारतीय दूतावास ने की है। बताया जा रहा है कि यह हमला हाल के महीनों में मॉस्को और उसके आसपास के इलाकों पर हुए सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक माना जा रहा है।
भारतीय दूतावास की ओर से जारी बयान में कहा गया कि हमले में मारे गए और घायल हुए भारतीय रूस में काम कर रहे श्रमिक थे। दूतावास के अधिकारियों ने घटना स्थल का दौरा किया और अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात भी की। साथ ही, पीड़ितों को हर संभव सहायता देने और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहने की बात कही गई है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, यूक्रेन ने रूस पर एक बड़े पैमाने का ड्रोन हमला किया, जिसमें लगभग 600 ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। रूसी अधिकारियों का दावा है कि मॉस्को क्षेत्र सहित कई इलाकों में सैकड़ों ड्रोन को मार गिराया गया, लेकिन इसके बावजूद कुछ ड्रोन रिहायशी और संवेदनशील इलाकों तक पहुंचने में सफल रहे। हमले में मॉस्को क्षेत्र में कई लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने की खबर सामने आई है।
रूसी अधिकारियों के मुताबिक, मॉस्को के आसपास कई जगहों पर रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुंचा है। कुछ स्थानों पर आग लगने और संपत्ति के नुकसान की भी सूचना है। मॉस्को के प्रमुख शेरमेत्येवो एयरपोर्ट के पास भी ड्रोन का मलबा गिरने की बात कही गई, हालांकि एयरपोर्ट के संचालन पर बड़ा असर नहीं पड़ा।
इस हमले के बाद रूस और यूक्रेन के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने इन हमलों को रूस की हालिया सैन्य कार्रवाई के जवाब में “उचित” करार दिया है। उनका कहना है कि रूस द्वारा कीव और अन्य शहरों पर किए गए हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई जरूरी थी। वहीं रूस ने इन हमलों को नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाने वाला कदम बताया है।

भारत के लिए यह घटना इसलिए भी चिंता का विषय बन गई है क्योंकि रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच पहले भी कई भारतीय नागरिक प्रभावित हुए हैं। खासकर रूस में काम करने या पढ़ाई करने वाले भारतीयों की सुरक्षा को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। भारतीय दूतावास ने रूस में मौजूद भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि यूक्रेन की ओर से रूस के भीतर बढ़ते ड्रोन हमले इस युद्ध को और जटिल बना रहे हैं। पहले जहां संघर्ष मुख्य रूप से यूक्रेन के सीमावर्ती इलाकों तक सीमित था, अब मॉस्को जैसे बड़े शहर भी सीधे हमलों की जद में आते दिख रहे हैं। इससे रूस की सुरक्षा व्यवस्था और युद्ध रणनीति पर भी सवाल उठने लगे हैं।
फिलहाल भारतीय नागरिक की मौत के बाद शोक का माहौल है। भारतीय दूतावास मृतक के परिवार से संपर्क में है और घायलों के इलाज की निगरानी की जा रही है। वहीं इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध का असर सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि दूसरे देशों के नागरिक भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
