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भोजपुरी सिनेमा के पावरस्टार पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच का पारिवारिक विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। लंबे समय से कोर्ट के चक्कर काट रहे इस जोड़े के रिश्ते में अब सुलह की गुंजाइश पूरी तरह खत्म होती नजर आ रही है। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच ज्योति सिंह ने एक ऐसा चौंकाने वाला और बड़ा फैसला लिया है, जिसने पूरी इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। ज्योति सिंह ने मीडिया के सामने आकर साफ कर दिया है कि पवन सिंह से रिश्ता टूटने के मोड़ पर होने के बावजूद वह मां बनने के अपने सपने को अधूरा नहीं छोड़ेंगी। इसके लिए उन्होंने आधुनिक मेडिकल साइंस की आईवीएफ (In Vitro Fertilization) तकनीक का सहारा लेने का मन बना लिया है।

तलाक के मुहाने पर खड़ा रिश्ता और ज्योति का छलका दर्द

साल 2018 में बड़े ही धूमधाम से शादी के बंधन में बंधे पवन सिंह और ज्योति सिंह की वैवाहिक जिंदगी में बहुत जल्द ही कड़वाहट घुल गई थी। ज्योति सिंह ने पवन सिंह पर मानसिक प्रताड़ना, घरेलू हिंसा और यहां तक कि जबरन गर्भपात कराने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए थे। वर्तमान में दोनों का मामला कोर्ट में है, जहां पवन सिंह किसी भी कीमत पर तलाक लेकर अलग होने की जिद पर अड़े हुए हैं। ज्योति सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने इस शादी और रिश्ते को बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन जब दूसरी तरफ से सारे रास्ते बंद हो चुके हैं, तो उन्होंने भी अब अपनी जिंदगी को नए सिरे से जीने का फैसला किया है। इसी सिलसिले में उन्होंने पटना के एक आईवीएफ सेंटर का दौरा किया, जहां उनका दर्द पूरी दुनिया के सामने आ गया।

"मुझे भी बच्चा चाहिए"... अकेले मां बनने की तैयारी

आईवीएफ सेंटर के एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची ज्योति सिंह मीडिया से बात करते हुए अपने आंसू नहीं रोक पाईं। उन्होंने बेहद भावुक अंदाज में कहा, "आखिर मैं भी एक औरत हूं, मेरा भी दिल है। मेरा भी मन करता है कि मेरा अपना एक बच्चा हो, जिसे मैं गोद में खिला सकूं और मां कहलाने का सुख प्राप्त कर सकूं।" जब पत्रकारों ने उनसे सीधा सवाल किया कि क्या वह पवन सिंह से अलग होने के बाद अकेले ही आईवीएफ के जरिए मां बनेंगी, तो उन्होंने बेहद मजबूती से जवाब दिया। ज्योति ने कहा कि अगर भविष्य में उनके हालात नहीं बदलते हैं और उन्हें अकेले ही जीवन का सफर तय करना पड़ता है, तो वह बिना किसी झिझक के आईवीएफ तकनीक का इस्तेमाल करेंगी और सिंगल मदर बनकर अपने बच्चे की परवरिश करेंगी।

रूढ़िवादी सोच पर चोट और महिलाओं के लिए प्रेरणा

ज्योति सिंह का यह कदम न सिर्फ उनकी निजी जिंदगी के लिए बड़ा है, बल्कि समाज की रूढ़िवादी सोच पर भी एक करारा प्रहार है। हमारे समाज में आज भी किसी महिला का बिना पति के या शादी के टूटने के बाद मां बनने का फैसला करना आसान नहीं माना जाता। ज्योति ने इस बात पर जोर दिया कि उनका आईवीएफ सेंटर जाना सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि उन तमाम महिलाओं को जागरूक करने के लिए भी था जो किसी न किसी वजह से मां नहीं बन पा रही हैं। उन्होंने कहा कि विज्ञान ने आज इतनी तरक्की कर ली है कि किसी भी महिला को मां बनने के सुख से वंचित रहने की जरूरत नहीं है। ज्योति के इस साहसी फैसले के बाद सोशल मीडिया पर लोग उनकी हिम्मत की दाद दे रहे हैं, वहीं पवन सिंह के प्रशंसकों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि इस पूरे मामले पर अभिनेता की क्या प्रतिक्रिया आती है।