नई दिल्ली। भारतीय सेना ने Army Agniveer Rally 2026 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सेना ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और मेरिट आधारित है। ऐसे में यदि कोई उम्मीदवार लापरवाही करता है या गलत दस्तावेजों, दलालों अथवा नियमों की अनदेखी करता है, तो उसका सेना में भर्ती होने का सपना अधूरा रह सकता है। भारतीय सेना के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ रिक्रूटिंग ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल के माध्यम से उन प्रमुख गलतियों की जानकारी साझा की है, जिनसे प्रत्येक उम्मीदवार को बचना चाहिए।
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जोनवार आयोजित हो रही हैं अग्निवीर भर्ती रैलियां
देशभर में भारतीय सेना की ओर से जोनवार अग्निवीर भर्ती रैलियों का आयोजन किया जा रहा है। बड़ी संख्या में युवा सेना में शामिल होने के उद्देश्य से इन रैलियों में भाग ले रहे हैं। ऐसे में कई बार जानकारी के अभाव, भ्रम या लापरवाही के कारण उम्मीदवार ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिनका सीधा असर उनकी भर्ती प्रक्रिया पर पड़ सकता है। इसी कारण सेना ने पहले से ही आवश्यक सावधानियां जारी की हैं।
रैली से पहले और रैली के दौरान इन गलतियों से करें बचाव
भारतीय सेना ने उम्मीदवारों से कहा है कि भर्ती रैली में कभी भी गलत, अधूरे या जाली दस्तावेज लेकर न पहुंचें। दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर गंभीर परेशानी हो सकती है।
सेना ने यह भी स्पष्ट किया है कि भर्ती से संबंधित किसी भी जानकारी या स्पष्टीकरण के लिए केवल अधिकृत भर्ती कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों से ही संपर्क करें। किसी बाहरी व्यक्ति या अनधिकृत स्रोत पर भरोसा न करें।
यदि किसी उम्मीदवार को हाल ही में गंभीर चोट लगी हो या कोई स्वास्थ्य समस्या पूरी तरह ठीक न हुई हो, तो ऐसी स्थिति में भर्ती रैली में शामिल होने से बचने की सलाह दी गई है।
भर्ती के नाम पर किसी को पैसे न दें
भारतीय सेना ने अभ्यर्थियों को विशेष रूप से दलालों और ठगों से सतर्क रहने की सलाह दी है। यदि कोई व्यक्ति चयन कराने, अधिकारियों से पहचान होने या पैसे लेकर भर्ती सुनिश्चित कराने का दावा करता है, तो ऐसे लोगों के झांसे में बिल्कुल न आएं। सेना ने दोहराया है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया निशुल्क, पारदर्शी और केवल योग्यता के आधार पर होती है।
निर्धारित तिथि पर ही पहुंचे रैली स्थल
सेना ने उम्मीदवारों से कहा है कि वे अपने जिले और संबंधित ट्रेड के लिए निर्धारित तिथि पर ही भर्ती रैली स्थल पहुंचें। अनावश्यक रूप से पहले या किसी अन्य दिन पहुंचने से बचें। साथ ही रैली में महंगे मोबाइल फोन, कीमती आभूषण या अन्य मूल्यवान निजी सामान साथ लेकर न आएं।
अनुशासन बनाए रखना भी है जरूरी
भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि भर्ती रैली के दौरान किसी अन्य उम्मीदवार या भर्ती स्टाफ के साथ विवाद, बहस या झगड़ा न करें। महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार न करें और किसी भी असामाजिक गतिविधि में शामिल होने से बचें। सेना में अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है और भर्ती प्रक्रिया के दौरान भी इसका पालन अनिवार्य है।
रैली के बाद भी बरतनी होगी सावधानी
सेना ने यह भी बताया कि भर्ती रैली समाप्त होने के बाद भी उम्मीदवारों की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। यदि मेडिकल समीक्षा के लिए किसी सैन्य अस्पताल में बुलाया जाए, तो निर्धारित समय पर पहुंचना जरूरी है। देरी करने से प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
इसी प्रकार कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) में समय पर उपस्थित होना भी अनिवार्य है। परीक्षा में अनुपस्थित रहने या देर से पहुंचने की जिम्मेदारी पूरी तरह उम्मीदवार की होगी। सेना ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी अन्य व्यक्ति को अपनी जगह भेजना स्वीकार्य नहीं है।
प्रशिक्षण के लिए समय पर पहुंचना अनिवार्य
जिन अभ्यर्थियों का चयन हो जाता है, उन्हें प्रशिक्षण के लिए निर्धारित समय और स्थान पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा। प्रशिक्षण में देर से पहुंचना या अनुपस्थित रहना भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
सेना ने फिर दोहराई अहम चेतावनी
भारतीय सेना ने एक बार फिर अभ्यर्थियों को चेताया है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के बिचौलियों, दलालों या फर्जी एजेंटों पर विश्वास न करें। यदि कोई व्यक्ति पैसे लेकर चयन कराने का दावा करता है या सेना के अधिकारियों से संपर्क होने की बात कहता है, तो ऐसे दावों पर भरोसा न करें। सेना ने स्पष्ट किया है कि भर्ती केवल निर्धारित नियमों और उम्मीदवार की योग्यता के आधार पर की जाती है।
