जौहर यूनिवर्सिटी विवाद पर बयान देतीं डॉ. तंजीन फातिमा, साथ में अखिलेश यादव की फोटो। | Source: Chrome

जौहर यूनिवर्सिटी विवाद पर बयान देतीं डॉ. तंजीन फातिमा, साथ में अखिलेश यादव की फोटो।Source : Chrome

रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की पत्नी और पूर्व सांसद डॉ. तंजीन फातिमा ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की सक्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि शायद अब उनका लक्ष्य मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री बनना है। उनके इस बयान के बाद आजम परिवार और सपा नेतृत्व के बीच दूरी की चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं।

सपा नेतृत्व की सक्रियता पर उठाए सवाल

जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर जारी विवाद के बीच डॉ. तंजीन फातिमा ने समाजवादी पार्टी के नेतृत्व पर खुलकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता इस मुद्दे पर उतने सक्रिय नजर नहीं आए, जितनी उम्मीद की जा रही थी।तंजीन फातिमा ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष और जनप्रतिनिधि ही बता सकते हैं कि वे रामपुर क्यों नहीं आए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि संभव हैअब उनका लक्ष्य उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनना नहीं, बल्कि देश का प्रधानमंत्री बनना हो।

जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर लगाया आरोप

पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि जौहर यूनिवर्सिटी को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि उसका संबंध आजम खान और विपक्ष से है। उनका कहना था कि यह कार्रवाई केवल एक संस्थान के खिलाफ नहीं, बल्कि राजनीतिक सोच से प्रेरित दिखाई देती है।

आजम परिवार की नाराजगी की चर्चा तेज

तंजीन फातिमा के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि आजम परिवार सपा नेतृत्व से नाराज है। सूत्रों के मुताबिक, परिवार काफी समय से चाहता था कि अखिलेश यादव खुद रामपुर आकर समर्थन जताएं, लेकिन ऐसा नहीं होने से असंतोष बढ़ा है।

सपा ने भेजे प्रतिनिधिमंडल

हालांकि समाजवादी पार्टी की ओर से जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर प्रतिनिधिमंडल भेजा गया था। 23 जुलाई को नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में पार्टी के विधायकों ने रामपुर पहुंचकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद 25 जुलाई को सपा सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल भी रामपुर गया और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रोकने की मांग की।इसके बावजूद तंजीन फातिमा का मानना है कि पार्टी नेतृत्व की व्यक्तिगत मौजूदगी अधिक प्रभावी होती और इससे जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन का मजबूत संदेश जाता।