मोबाइल से ChatGPT कॉपी करके दे रहे थे एग्जाम.(Photo: Representational)

मोबाइल से ChatGPT कॉपी करके दे रहे थे एग्जाम.(Photo: Representational)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता इस्तेमाल जहां लोगों के लिए नई संभावनाएं लेकर आया है, वहीं इसका गलत उपयोग अब शिक्षा व्यवस्था के लिए भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। मध्य प्रदेश के डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर में परीक्षा कॉपियों की जांच के दौरान ChatGPT के जरिए सामूहिक नकल का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। छिंदवाड़ा जिले के सौंसर स्थित एक निजी कॉलेज के छात्रों पर ChatGPT से उत्तर लेकर परीक्षा लिखने का आरोप लगा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित कॉलेज के सभी परीक्षा परिणामों पर फिलहाल रोक लगा दी है और विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

कॉपी में मिला ‘वीडियो देखने के लिए लिंक’ वाला संदेश

जानकारी के मुताबिक, मई 2026 में डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध 17 महाविद्यालयों में द्वितीय, चतुर्थ और षष्ठम सेमेस्टर की परीक्षाएं आयोजित की गई थीं। परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रीय मूल्यांकन प्रणाली के तहत सभी उत्तर पुस्तिकाएं जांच के लिए विश्वविद्यालय भेजी गईं। अर्थशास्त्र विषय की एक उत्तर पुस्तिका की जांच के दौरान शिक्षक उस समय हैरान रह गए, जब उत्तर के अंत में लिखा मिला, “पूरे उत्तर का वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें।” इस असामान्य टिप्पणी को देखकर शिक्षक को शक हुआ और उन्होंने तत्काल परीक्षा नियंत्रक को इसकी सूचना दी।

जांच में सामने आई ChatGPT से सामूहिक नकल

शिकायत मिलने के बाद संबंधित कॉलेज की अन्य उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कराई गई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि कई छात्रों ने लगभग एक जैसे उत्तर लिखे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि छात्रों ने मोबाइल के जरिए ChatGPT से उत्तर तैयार कर उन्हें लगभग हूबहू परीक्षा कॉपी में लिख दिया। जांच में यह भी सामने आया कि मामला केवल अर्थशास्त्र विषय तक सीमित नहीं है, बल्कि तीन अलग-अलग विषयों में भी इसी तरह की सामूहिक नकल के संकेत मिले हैं। इससे विश्वविद्यालय प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है।

यूनिवर्सिटी ने रोके रिजल्ट, कॉलेज को भेजा नोटिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने छिंदवाड़ा के सतपुड़ा कॉलेज ऑफ इन्फॉर्मेशन एंड बायोटेक्नोलॉजी के सभी परीक्षा परिणामों पर रोक लगा दी है। वहीं विश्वविद्यालय और अन्य संबद्ध महाविद्यालयों के परिणाम पहले ही घोषित किए जा चुके हैं। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी विवेक जायसवाल ने बताया कि कॉलेज प्रबंधन को नोटिस जारी किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोबारा परीक्षा कराने, परीक्षा केंद्र बदलने या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि शिक्षा व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग किस तरह नई चुनौतियां पैदा कर रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।