erer | Source: erereजमुई। बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ रास्ते में कथित बदसलूकी और मारपीट से जुड़े वायरल वीडियो के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी नंदन यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कार्रवाई के दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे पुलिस हिरासत में लेकर इलाज कराया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामले ने व्यापक स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा था और पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी थी।

चेहरे पर गमछा बांधकर सामने आया था आरोपी

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी नंदन यादव जमुई जिले के प्रतापपुर गांव का रहने वाला है। उसके पिता का नाम गनौरी यादव बताया गया है। सामने आए वीडियो के अनुसार, घटना के दौरान नंदन ने अपने चेहरे को गमछे से ढक रखा था। आरोप है कि उसने स्कूटी से लौट रहे नाबालिग छात्र और छात्रा को बीच रास्ते में रोककर उनके साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की।

वायरल वीडियो ने बढ़ाई पुलिस की चुनौती

घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम और उसमें शामिल लोगों की पहचान के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। मुख्य आरोपी नंदन यादव घटना के बाद से फरार बताया जा रहा था, जिसके चलते उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ओर से लगातार छापेमारी की जा रही थी।

परिवार के दो सदस्यों से पूछताछ के बाद मिला सुराग

मुख्य आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी। खबर के अनुसार, पुलिस ने नंदन यादव के परिवार के दो सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की थी। इसके बाद पुलिस को उसके ठिकाने के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की बात सामने आई। इसी आधार पर पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए आगे कार्रवाई की।

पुलिस कार्रवाई के दौरान पैर में लगी गोली

पुलिस के अनुसार, नंदन यादव की घेराबंदी के दौरान हुई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे अपने कब्जे में ले लिया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। इसी कार्रवाई को लेकर मामले में पुलिस मुठभेड़ की बात सामने आई है। घटना में शामिल बताए जा रहे एक अन्य फरार आरोपी हरेराम यादव के पैर में भी चोट लगने की जानकारी दी गई है।

सात लोगों के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी

जमुई नगर थाने में इस मामले को लेकर कुल सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने नामजद और अज्ञात आरोपियों को मामले में शामिल किया है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है और वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों तथा घटना में उनकी कथित भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

SIT के गठन से जांच को मिली नई दिशा

मामले की गंभीरता को देखते हुए जमुई पुलिस प्रशासन ने विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया है। एसआईटी की टीम ने उस स्थान का भी दौरा किया, जहां घटना हुई थी। जांच टीम वायरल वीडियो के आधार पर घटनाक्रम को समझने के साथ-साथ मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

घटनास्थल से जुटाए जा रहे साक्ष्य

पुलिस टीम घटनास्थल से फॉरेंसिक और अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाने में लगी है। वायरल वीडियो को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के दौरान मौके पर कौन-कौन लोग मौजूद थे और उनकी कथित भूमिका क्या थी।

फरार आरोपियों की तलाश जारी

मुख्य आरोपी नंदन यादव की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की नजर मामले में शामिल बताए जा रहे अन्य आरोपियों पर है। पुलिस के अनुसार, घटना से जुड़े किसी भी आरोपी को जांच के बाद कार्रवाई से बाहर नहीं रखा जाएगा। फरार आरोपियों की तलाश में भी पुलिस की कार्रवाई जारी है।

जमुई कांड में आगे क्या होगा?

इस मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी, सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी और SIT के गठन के बाद जांच आगे बढ़ गई है। पुलिस वायरल वीडियो, घटनास्थल से जुटाए जा रहे साक्ष्यों और आरोपियों से संबंधित जानकारी के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। मामले में बाकी आरोपियों की भूमिका और उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।