erere | Source: erereनई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित विकसित गांव 2026 कार्यक्रम में देशभर के युवा स्वयंसेवकों से संवाद किया। इस कार्यक्रम में 245 से अधिक जिलों से जुड़े 5,000 से ज्यादा युवा वॉलंटियर्स ने भाग लिया। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने सीमावर्ती और दूरदराज के गांवों में काम कर रहे युवाओं के अनुभव सुने, उनकी सराहना की और कहा कि MY Bharat Platform देश के करोड़ों युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि इस मंच से अब तक 2.3 करोड़ से अधिक युवा जुड़ चुके हैं।

245 से अधिक जिलों के हजारों युवा हुए शामिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित गांव 2026 कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के 245 से अधिक जिलों का प्रतिनिधित्व कर रहे 5,000 से ज्यादा युवा स्वयंसेवकों से सीधा संवाद किया। इस दौरान युवाओं ने सीमावर्ती क्षेत्रों और दूरस्थ गांवों में किए गए अपने कार्यों और अनुभवों को साझा किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल युवाओं को समाज से जोड़ते हैं, बल्कि देश के सुदूर क्षेत्रों और मुख्यधारा के बीच की दूरी भी कम करते हैं। उन्होंने युवाओं के योगदान को विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

सीमावर्ती गांवों में मिला अपनापन, बेटियों के आत्मविश्वास की झलक

कार्यक्रम के दौरान निकिता सोलंकी ने हिमालयी क्षेत्र के रिकांग पिओ और अन्य सीमावर्ती गांवों की यात्रा का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि MY Bharat Platform के माध्यम से उन्हें अपने छोटे से द्वीप से निकलकर देश के दूर-दराज के पहाड़ी इलाकों तक जाने का अवसर मिला।

उन्होंने कहा कि गांव के लोगों ने उन्हें परिवार के सदस्य की तरह अपनाया और बेटी जैसा स्नेह दिया। निकिता के अनुभव पर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह देश की बेटियों के बढ़ते आत्मविश्वास और साहस का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि आज भारत की बेटियां बिना किसी झिझक के नई चुनौतियों को स्वीकार कर रही हैं और देश के हर हिस्से में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।

सोलो ट्रैवलिंग को बताया सीखने और समझने का माध्यम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के बीच बढ़ रहे सोलो ट्रैवलिंग के चलन की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के समय में अकेले यात्रा करने का रुझान तेजी से बढ़ा है और यह केवल घूमने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वयं को और देश को बेहतर ढंग से समझने का अवसर भी है।

उन्होंने कहा कि भले ही युवा अकेले अपनी यात्रा शुरू करते हों, लेकिन MY Bharat Platform उन्हें एक बड़े परिवार का हिस्सा बना देता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह के अनुभव युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करते हैं।

MY Bharat Platform से 2.3 करोड़ से अधिक युवाओं को मिला अवसर

दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव का प्रतिनिधित्व कर रहे MY Bharat स्वयंसेवक दिव्यांशु जोशी ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि इस पहल के कारण उन्हें सीमावर्ती गांवों को नजदीक से देखने और वहां के लोगों से जुड़ने का अवसर मिला।

उन्होंने कहा कि MY Bharat Platform के माध्यम से आयोजित विकसित भारत यूथ लीडर्स डायलॉग, युवा संसद और मेंटरशिप कार्यक्रमों जैसी विभिन्न पहलों ने देश के 2.3 करोड़ से अधिक युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ जुड़ने का अवसर प्रदान किया है।

युवा नेतृत्व को विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का युवा नेतृत्व समाज के हर क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती और दूरदराज के गांवों में काम कर रहे युवा केवल सेवा ही नहीं कर रहे, बल्कि देश की एकता और समावेशी विकास की भावना को भी मजबूत बना रहे हैं।

उन्होंने युवाओं से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने का आह्वान किया।

समावेशी विकास पर सरकार का विशेष जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ऐसी विकास यात्रा सुनिश्चित करना है, जिसमें देश का कोई भी क्षेत्र और कोई भी नागरिक पीछे न छूटे। सीमावर्ती गांवों में युवाओं की भागीदारी और MY Bharat Platform जैसी पहलें इसी सोच का हिस्सा हैं।

उन्होंने कहा कि युवा स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी से शासन और समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में भी विकास योजनाओं का प्रभाव अधिक मजबूत हो रहा है।