
CM Samrat Chaudhary
पटना, 4 सितंबर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में बिहार को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने में युवाओं की भूमिका अहम होगी। उन्होंने युवाओं से नई तकनीक सीखने और उसका उपयोग करते हुए राज्य के तकनीकी विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र स्थित सिमेज आईटी पार्क में नवनिर्मित 1200 सीटों वाले बहुउद्देशीय सभागार का उद्घाटन करने पहुंचे थे। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर तकनीक और एआई का है। बिहार तेजी से बदल रहा है और अगले चार-पांच वर्षों में राज्य को विकास के नए दौर में ले जाने का लक्ष्य होना चाहिए।
राज्य में 100 टेक्नोलॉजी सेंटर विकसित करने पर जोर
सम्राट चौधरी ने सिमेज की तकनीकी शिक्षा से जुड़ी पहल की सराहना करते हुए उद्योग विभाग को बिहार में कम से कम 100 टेक्नोलॉजी सेंटर विकसित करने की दिशा में काम करने को कहा। उनका कहना था कि इससे युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे।
उन्होंने कहा कि बिहार के बारे में यह धारणा बदलनी होगी कि राज्य तकनीक के क्षेत्र में पीछे है। कंप्यूटर और मोबाइल से लेकर सोशल मीडिया और एआई तक तकनीक ने दुनिया को बदल दिया है। उन्होंने कहा कि कभी कंप्यूटर को रोजगार घटने की वजह माना जाता था, लेकिन आज वही तकनीक रोजगार, नवाचार और विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है।
सरकारी स्कूल-कॉलेजों में भी आधुनिक संसाधन
मुख्यमंत्री ने सरकारी विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को निजी संस्थानों की तर्ज पर आधुनिक तकनीक और बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने सिमेज परिवार द्वारा सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को आईआईटी और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से जोड़कर तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने की पहल की भी सराहना की।
उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा को अधिक व्यापक बनाने की जरूरत है, ताकि सरकारी संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी आधुनिक सुविधाओं और नए अवसरों का लाभ मिल सके।
सहयोग पोर्टल में 7.13 लाख से अधिक आवेदन
मुख्यमंत्री ने सरकारी सेवाओं और शिकायतों के समाधान में तकनीक के इस्तेमाल का उदाहरण देते हुए सहयोग कार्यक्रम और सहयोग पोर्टल का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अब तक 7.13 लाख से अधिक लोग इस व्यवस्था के माध्यम से आवेदन कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक आवेदन पर 30 दिनों के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करना है। निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित पदाधिकारी और कर्मचारी को स्वतः नोटिफिकेशन भेजने की व्यवस्था है और जरूरत के अनुसार आगे की कार्रवाई भी की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में एआई और तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका है।
हर महीने के दूसरे मंगलवार को मुख्यमंत्री स्तर पर सहयोग कार्यक्रम आयोजित कर शिकायतों की समीक्षा की जाती है। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाती है।
24 घंटे में परीक्षा परिणाम देने की तैयारी
इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों की परीक्षा व्यवस्था में भी तकनीक के इस्तेमाल पर मुख्यमंत्री ने जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को परीक्षा के 24 घंटे के भीतर परिणाम उपलब्ध कराने की दिशा में काम शुरू किया जाएगा।
इसके साथ ही किसी कारण से असफल घोषित विद्यार्थियों के लिए जल्द पुनर्परीक्षा की व्यवस्था विकसित करने की बात कही गई, ताकि परीक्षा परिणाम के कारण उनका पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो।
छात्रों से संवाद, AI प्रोजेक्ट्स की जानकारी ली
सभागार के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने सिमेज आईटी पार्क का भ्रमण किया। उन्होंने कंप्यूटर क्लास, लैब और अन्य सुविधाओं का जायजा लिया तथा विद्यार्थियों से संवाद किया। छात्रों ने मुख्यमंत्री को एआई आधारित विभिन्न तकनीकी परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित किए और प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बिहार का इतिहास गौरवशाली रहा है और अब युवाओं को श्रीकृष्ण के आदर्शों से प्रेरणा लेकर न्याय के साथ विकास और राज्य की समृद्धि में भागीदारी निभानी चाहिए।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा एवं विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री डॉ. अशोक चौधरी, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, विधान परिषद के उपसभापति रामवचन राय, विधान पार्षद ललन सर्राफ, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार समेत अन्य अधिकारी, सिमेज परिवार के सदस्य, छात्र-छात्राएं और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
