नई दिल्ली। ऑनलाइन ग्रॉसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zepto से जुड़ा एक मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। एक महिला ने कंपनी के एक डिलीवरी पार्टनर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि सामान की डिलीवरी देने के बाद डिलीवरी पार्टनर ने पहले पीने का पानी मांगा और उसके बाद बार-बार घर के अंदर आने की अनुमति मांगने लगा। महिला ने इस पूरे घटनाक्रम का जिक्र अपने इंस्टाग्राम वीडियो में किया है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर ग्राहक सुरक्षा और डिलीवरी कर्मचारियों के सत्यापन को लेकर बहस तेज हो गई है।
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इंस्टाग्राम वीडियो में महिला ने बताई पूरी घटना
महिला ने अपने सोशल मीडिया वीडियो में दावा किया कि डिलीवरी पार्टनर ऑर्डर पहुंचाने के बाद उससे पीने का पानी मांगने लगा। महिला के अनुसार, उसने उसे पानी की एक बोतल दी और यह भी कहा कि वह बोतल अपने साथ ले जा सकता है।
महिला का कहना है कि पानी खत्म करने के बाद डिलीवरी पार्टनर ने दोबारा पानी मांगा। इसके बाद उसने कथित तौर पर कुछ मिनट के लिए घर के अंदर आने की अनुमति भी मांगनी शुरू कर दी।
बार-बार मना करने के बावजूद अंदर आने की करता रहा जिद, ऐसा है दावा
महिला के मुताबिक, उसने स्पष्ट रूप से डिलीवरी पार्टनर को मना कर दिया और कहा कि यदि उसे बैठना है तो घर के बाहर पर्याप्त जगह उपलब्ध है। इसके बावजूद वह कथित तौर पर लगातार घर के अंदर आने की अनुमति मांगता रहा।
महिला ने आरोप लगाया कि जब उसने मुख्य गेट बंद करने की कोशिश की, तब भी डिलीवरी पार्टनर नहीं माना। उसके अनुसार, वह बार-बार दरवाजे की घंटी बजाता रहा और कुछ मिनट के लिए घर के भीतर आने की अनुमति मांगता रहा।
'डर के कारण तुरंत बंद कर लिया दरवाजा'
महिला का कहना है कि लगातार हो रही इस जिद से वह घबरा गई। उसने अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत घर का दरवाजा बंद कर लिया। महिला के अनुसार, पूरी घटना के दौरान वह काफी डरी हुई थी।
महिला का आरोप- गेट को जोर-जोर से पीटने लगा डिलीवरी पार्टनर
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि दरवाजा बंद करने के बाद डिलीवरी पार्टनर ने मुख्य गेट को जोर-जोर से पीटना शुरू कर दिया। उसके अनुसार, इस व्यवहार ने उसे और अधिक भयभीत कर दिया।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और यह महिला द्वारा सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों पर आधारित है।
कंपनी से की शिकायत, जांच की मांग उठाई
घटना के बाद महिला ने सोशल मीडिया के माध्यम से Zepto से मामले की जांच करने की मांग की। उसने कंपनी के ऐप के जरिए भी शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया।
महिला का दावा है कि शिकायत दर्ज करने के बाद उसे केवल एक संदेश मिला, जिसमें बताया गया कि मामले की जांच की जा रही है। खबर लिखे जाने तक कंपनी की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया था।
वीडियो वायरल होने के बाद ग्राहक सुरक्षा पर तेज हुई चर्चा
महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने ग्राहक सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि डिलीवरी सेवाएं देने वाली कंपनियों को अपने कर्मचारियों के सत्यापन की प्रक्रिया को और मजबूत बनाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं ग्राहकों, विशेष रूप से अकेले रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
कड़े सत्यापन की मांग करने लगे सोशल मीडिया यूजर्स
कई यूजर्स ने सुझाव दिया कि डिलीवरी कर्मचारियों की नियुक्ति से पहले उनके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच, पहचान और पते का सत्यापन तथा अन्य आवश्यक जांच प्रक्रियाओं को और अधिक सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि इससे ग्राहकों का विश्वास मजबूत होगा और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को कम किया जा सकेगा।
उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहने की सलाह
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने आम उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहने की सलाह दी। लोगों का कहना है कि डिलीवरी के दौरान अनावश्यक बातचीत से बचना चाहिए और यदि संभव हो तो सामान प्राप्त करने के बाद तुरंत घर का दरवाजा बंद कर देना चाहिए।
इसके अलावा किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों या संबंधित कंपनी को सूचना देने की सलाह भी दी गई।
मामले की जांच के निष्कर्ष का इंतजार
फिलहाल यह मामला महिला द्वारा लगाए गए आरोपों और सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो पर आधारित है। महिला ने कंपनी से जांच की मांग की है और उसका दावा है कि शिकायत मिलने के बाद उसे जांच किए जाने का संदेश प्राप्त हुआ। मामले में अंतिम स्थिति और निष्कर्ष संबंधित जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।
