कोटा (राजस्थान)।

कोटा जिले में मानवता को झकझोर देने वाला एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां दलदल में फंसने से तीन मासूम बच्चों की जान पर बन आई। बताया जा रहा है कि खेलते-खेलते बच्चे अचानक दलदली इलाके में चले गए और देखते ही देखते तीनों उसमें धंसते चले गए। दलदल में फंसने के बाद बच्चे घंटों तक चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन शुरुआत में कोई उनकी आवाज नहीं सुन सका।

जब आसपास के लोगों को बच्चों की चीख-पुकार सुनाई दी तो इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुट गए। हालात बेहद नाजुक थे, क्योंकि दलदल में उतरना किसी के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता था। इसके बावजूद लोगों ने हिम्मत नहीं हारी और सूझबूझ से बच्चों को बचाने का प्रयास शुरू किया।

स्थानीय लोगों ने पहले दलदल में पत्थर डालकर एक अस्थायी रास्ता बनाया, ताकि वहां तक सुरक्षित तरीके से पहुंचा जा सके। इसके बाद साड़ी और रस्सियों की मदद से एक मजबूत सहारा तैयार किया गया। बेहद सावधानी के साथ एक-एक कर तीनों मासूम बच्चों को रस्सी और साड़ी से बांधकर बाहर निकाला गया। इस पूरी प्रक्रिया में बच्चों की जान हर पल खतरे में बनी रही।

काफी मशक्कत और घंटों की मेहनत के बाद आखिरकार तीनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बच्चों के बाहर आते ही मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। सूचना के बाद परिजन भी मौके पर पहुंचे और अपने बच्चों को सुरक्षित देखकर भावुक हो उठे। बच्चों को तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई है।

यह घटना न केवल प्रशासन के लिए चेतावनी है, बल्कि यह भी दिखाती है कि खुले और असुरक्षित दलदली इलाकों को लेकर लापरवाही कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे खतरनाक स्थानों की घेराबंदी की जाए और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

वहीं, इस पूरे मामले में स्थानीय लोगों की बहादुरी और इंसानियत की जमकर सराहना की जा रही है। यदि समय रहते लोगों ने साहस और समझदारी न दिखाई होती, तो यह हादसा एक बड़ी त्रासदी में बदल सकता था।