ere | Source: ererउत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले मौसम का एक डरावना रूप देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में जनजीवन को पूरी तरह से ठप कर दिया है। हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि कई जिलों में प्रशासन को सड़कों पर उतरकर लोगों से घरों में रहने की अपील करनी पड़ रही है। इस कुदरती कहर के चलते राज्यभर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।


तबाही का मंजर: दीवार गिरने से महिला की मौत, कई घायल

प्रकृति के इस भयंकर प्रकोप की चपेट में आकर कई लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। बहराइच जिले के कैसरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम देवलखा में मूसलाधार बारिश के कारण एक कच्चे मकान की दीवार अचानक ढह गई। इस मलबे में दबकर 52 वर्षीय महिला ननकई की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं दूसरी ओर, श्रावस्ती जिले में भी इसी तरह के हादसे में एक 20 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसका अस्पताल में इलाज जारी है।

59 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, तापमान में भारी गिरावट

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुल 59 जिलों में अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। विशेष तौर पर सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच समेत 5 जिलों में प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी कर दिया है। लगातार हो रही इस बारिश के कारण तापमान में 9 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सिहरन भरी ठंड का अहसास होने लगा है। सुरक्षा के मद्देनजर कई जिलों में 12वीं तक के सभी विद्यालयों को बंद कर दिया गया है।

बिजली व्यवस्था ध्वस्त और उफनती नदियां बनीं खतरा

राजधानी लखनऊ समेत सीतापुर, अयोध्या, सुल्तानपुर, अमेठी और अंबेडकरनगर जैसे जिलों में तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश ने बिजली तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। जगह-जगह विशाल पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ने से कई ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिसके कारण कई इलाकों की बत्ती गुल है। अंबेडकरनगर में तो एक स्कूल बस पर भारी-भरकम पेड़ आ गिरा, गनीमत यह रही कि उस समय बस खाली थी वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों और यूपी में लगातार बरस रहे पानी से नदियां भी उफान पर हैं।

किसानों की मेहनत पर फिरा पानी, फसलों को भारी नुकसान

इस बेमौसम आफत की बारिश ने अन्नदाताओं की कमर तोड़ दी है। सुल्तानपुर, अमेठी और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल और गन्ने की फसलें पूरी तरह जमीन पर बिछ गई हैं। सब्जियों की फसलों को भी भारी क्षति पहुंची है, जिससे किसानों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लोगों से पूरी सावधानी बरतने और बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सख्त हिदायत दी है।