छत्तीसगढ़ के कथित आबकारी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED की कार्रवाई, EOW के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय की जांच में बढ़ी कांग्रेस नेता की मुश्किलें
ED Arrest:ED का बड़ा एक्शन! शराब घोटाले में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल गिरफ्तार, 104 करोड़ के लेन-देन का भी दावाSource : Abp news.com
छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई शराब कारोबार में कथित अनियमितताओं और अवैध तरीके से पैसों के लेन-देन के आरोपों की जांच के तहत की गई है।
रामगोपाल अग्रवाल को इससे पहले आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने भी इस मामले में गिरफ्तार किया था। अब ED ने उनकी कस्टडी मांगी थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद कथित शराब घोटाले की जांच एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
EOW के दावे में 104 करोड़ रुपये का जिक्र
जांच के दौरान EOW ने दावा किया है कि कथित तौर पर 104 करोड़ रुपये कांग्रेस भवन तक पहुंचाए गए। रामगोपाल अग्रवाल को 17 जुलाई को EOW ने गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने शराब घोटाले के साथ-साथ कथित ओवरटाइम घोटाले को लेकर भी उनसे पूछताछ की अनुमति अदालत से मांगी थी।
ED अब मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से पूरे मामले की जांच कर रही है और कथित रकम के लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों तथा अन्य सबूतों की पड़ताल की जा रही है।
डायरियों और दस्तावेजों से आगे बढ़ी जांच
जांच एजेंसी के मुताबिक, कोल लेवी मामले में आरोपी सूर्यकांत तिवारी और अन्य लोगों के ठिकानों से बरामद डायरियों के विश्लेषण के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। इन दस्तावेजों में दर्ज कथित जानकारी के आधार पर पैसों के लेन-देन की कड़ियों को खंगाला जा रहा है।
ED छत्तीसगढ़ में कथित कोल लेवी, शराब घोटाला, DMF और कस्टम मिलिंग से जुड़े मामलों की भी जांच कर रही है।
तीन साल से फरार थे रामगोपाल अग्रवाल
रिपोर्ट के मुताबिक, रामगोपाल अग्रवाल करीब तीन साल से फरार थे। उन्होंने 8 जुलाई को EOW कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया था। इसके बाद उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया और उन्हें अदालत में पेश किया गया।
अदालत ने 9 जुलाई से 17 जुलाई तक उनकी पुलिस रिमांड मंजूर की थी। रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद उन्हें 5 अगस्त को EOW की कस्टडी में भेज दिया गया था। अब ED ने भी कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी कस्टडी हासिल कर ली है।
क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला?
छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले की जांच ED कर रही है। दर्ज FIR में 2 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के कथित घोटाले का जिक्र किया गया है।
ED की जांच के मुताबिक, तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में कथित तौर पर IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के तत्कालीन एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के कथित सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिए जाने की बात सामने आई थी।
अब रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी कथित मनी ट्रेल और पैसों के लेन-देन से जुड़े पहलुओं को और गहराई से खंगाल रही है। मामले में आगे की जांच और अदालत में होने वाली कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि एजेंसी के आरोपों और दावों पर आगे क्या निष्कर्ष निकलता है।
