erere | Source: erereपटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा लगाए गए "सेलेक्टेड मुख्यमंत्री" के आरोप का तीखा जवाब देते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और लालू परिवार पर जोरदार राजनीतिक हमला बोला। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनके परिवार में तीन-तीन लोग बिना सीधे मुख्यमंत्री पद के चुनाव लड़कर सत्ता तक पहुंचे हों, उन्हें इस विषय पर टिप्पणी करने का नैतिक अधिकार नहीं है। इस दौरान उन्होंने बिहार के विकास, सड़क और हवाई संपर्क, शिक्षा तथा निवेश को लेकर सरकार की योजनाओं का भी विस्तार से उल्लेख किया।

'सेलेक्टेड सीएम' के आरोप पर मुख्यमंत्री का पलटवार

पटना में आयोजित न्यूज18 के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कुछ बड़े राजनीतिक नेता आज अपनी पूरी राजनीति केवल मुख्यमंत्री को निशाना बनाकर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें "सेलेक्टेड मुख्यमंत्री" कहा जाता है, लेकिन इतिहास पर नजर डालने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लालू प्रसाद यादव जब मुख्यमंत्री बने थे, तब भी वे "सेलेक्टेड" थे। इसके बाद राबड़ी देवी भी चयनित होकर मुख्यमंत्री बनीं और तेजस्वी यादव भी उपमुख्यमंत्री के रूप में सीधे जनता द्वारा उस पद के लिए निर्वाचित नहीं हुए थे। उन्होंने कहा कि जिस परिवार में तीन-तीन लोग इस तरह सत्ता तक पहुंचे हों, उन्हें इस मुद्दे पर दूसरों पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं है।

बिहार के विकास का भी किया उल्लेख

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में बिहार के विकास की यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह ने राज्य के विकास का सपना देखा और अपनी क्षमता के अनुसार उसे आगे बढ़ाया। उनके बाद कई मुख्यमंत्री आए, लेकिन राज्य के आर्थिक पिछड़ेपन को दूर करने की दिशा में अपेक्षित कार्य नहीं हो सका।

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर ने सामाजिक संरचना में महत्वपूर्ण सुधार किए। वहीं, डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में विकास की नई गाथा लिखी। उन्होंने कहा कि बीच के कई मुख्यमंत्री केवल सत्ता तक सीमित रहे और राज्य के समग्र विकास की दिशा में अपेक्षित योगदान नहीं दे सके।

पहली बार विधायक बनने के दिनों को किया याद

सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन के शुरुआती अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि जब वे पहली बार विधायक बने थे, तब अपने विधानसभा क्षेत्र में एक दिन में 20 किलोमीटर से अधिक का दौरा करना भी कठिन होता था, क्योंकि सड़क संपर्क बेहतर नहीं था।

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में सड़क नेटवर्क के विस्तार का सपना देखा और बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग से इस दिशा में तेजी से काम हुआ। इसका परिणाम यह है कि आज राज्य के अधिकांश हिस्सों से लोग चार से पांच घंटे के भीतर पटना पहुंच सकते हैं।

सड़क के साथ हवाई संपर्क पर भी सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल सड़क संपर्क तक सीमित नहीं है, बल्कि हवाई संपर्क को मजबूत बनाने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि बिहार के महत्वपूर्ण जिलों में नए हवाई अड्डों के विकास की योजना पर कार्य किया जा रहा है।

इसके साथ ही राज्य में नए कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की स्थापना की जा रही है, ताकि शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए निवेश आकर्षित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

बिहार लौटकर निवेश करने की अपील

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार से बाहर और विदेशों में व्यवसाय कर रहे लोगों से भी राज्य में निवेश करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरे राज्यों या अन्य देशों में कारोबार कर रहे हैं, वे बिहार आएं और अपनी जन्मभूमि के विकास में भागीदारी निभाएं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, जिससे उद्योगों का विस्तार हो और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हों।