erere | Source: rerदूध, दही और पनीर को कैल्शियम का सबसे प्रमुख स्रोत माना जाता है। यही वजह है कि जब भी शरीर में कैल्शियम की जरूरत की बात होती है, सबसे पहले डेयरी उत्पादों का नाम सामने आता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर कोई व्यक्ति दूध-दही नहीं लेता, तो उसके शरीर में कैल्शियम की जरूरत कैसे पूरी हो सकती है? हैरानी की बात यह है कि इसका जवाब आपके घर की रसोई में ही मौजूद कई खाद्य पदार्थों में छिपा है।

कैल्शियम सिर्फ हड्डियों के लिए नहीं, शरीर के कई कामों के लिए जरूरी

कैल्शियम शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण खनिज है। यह केवल हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखने में ही भूमिका नहीं निभाता, बल्कि मांसपेशियों और नसों के सामान्य कामकाज के लिए भी जरूरी होता है। आमतौर पर कैल्शियम की कमी पूरी करने के लिए दूध, दही और पनीर जैसे डेयरी उत्पादों की सलाह दी जाती है। हालांकि, हर व्यक्ति इन चीजों का सेवन नहीं करता।

कुछ लोगों को दूध पसंद नहीं होता, जबकि कुछ लोगों को दूध या अन्य डेयरी उत्पाद लेने के बाद पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है। ऐसे लोगों के लिए कैल्शियम वाले दूसरे खाद्य पदार्थों को रोजमर्रा के भोजन में शामिल करना उपयोगी विकल्प हो सकता है।

1. रागी: साधारण अनाज, लेकिन कैल्शियम का अच्छा स्रोत

रागी को कैल्शियम पाने के लिए आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि इसे अलग-अलग तरीकों से भोजन में शामिल किया जा सकता है। रागी से रोटी, चीला, डोसा, दलिया और खिचड़ी जैसे कई व्यंजन तैयार किए जा सकते हैं।

अगर किसी व्यक्ति को रोज रागी खाना पसंद नहीं है, तो इसे सप्ताह में कई बार अलग-अलग रूप में भोजन में शामिल किया जा सकता है। इस तरह खाने में एकरूपता भी नहीं रहती और रागी को आसानी से दैनिक आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।

2. तिल: खाने में थोड़ी मात्रा, कैल्शियम वाला आसान विकल्प

सफेद और काले दोनों तरह के तिल में कैल्शियम पाया जाता है। इन्हें भोजन में शामिल करने के लिए किसी विशेष तैयारी की आवश्यकता नहीं होती। तिल को पीसकर चटनी बनाई जा सकती है या सब्जी और सलाद के ऊपर छिड़का जा सकता है।

तिल से बने लड्डू भी एक विकल्प हो सकते हैं। हालांकि, तिल का सेवन जरूरत से ज्यादा करने से बचना चाहिए। इसे संतुलित मात्रा में भोजन का हिस्सा बनाना बेहतर है।

3. टोफू और सोया मिल्क से भी मिल सकता है कैल्शियम

जो लोग दूध नहीं पीते, उनके लिए टोफू और सोया से बने खाद्य पदार्थ एक उपयोगी विकल्प हो सकते हैं। टोफू को सब्जी, भुर्जी या सलाद में शामिल किया जा सकता है। यह उन लोगों के लिए भी भोजन में विविधता लाने का एक तरीका है जो डेयरी उत्पादों का सेवन नहीं करते।

सोया मिल्क भी लिया जा सकता है। हालांकि, बाजार से पैक किया हुआ सोया मिल्क खरीदते समय उसके लेबल को ध्यान से देखना जरूरी है। कुछ उत्पादों में कैल्शियम अलग से मिलाया जाता है, इसलिए खरीदने से पहले उसमें मौजूद कैल्शियम की मात्रा जरूर जांच लें।

4. हरी सब्जियों को नजरअंदाज न करें

कैल्शियम की जरूरत पूरी करने के लिए हरी सब्जियां भी आहार का हिस्सा बनाई जा सकती हैं। ब्रोकली समेत कई हरी सब्जियों को नियमित भोजन में शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा सरसों का साग और अन्य पत्तेदार सब्जियां भी खाई जा सकती हैं।

हरी सब्जियों की खासियत यह है कि इनके जरिए केवल कैल्शियम ही नहीं, बल्कि शरीर के लिए जरूरी दूसरे पोषक तत्व भी मिलते हैं। इसलिए संतुलित आहार में अलग-अलग तरह की सब्जियों को शामिल करना फायदेमंद माना जाता है।

5. बादाम और कुछ छोटी मछलियां भी दे सकती हैं कैल्शियम

बादाम भी कैल्शियम वाले खाद्य पदार्थों में शामिल हैं। इन्हें नाश्ते में या भोजन के बीच थोड़ी मात्रा में लिया जा सकता है। हालांकि, बादाम का सेवन भी संतुलित मात्रा में करना चाहिए।

अगर आप मछली खाते हैं, तो कुछ छोटी मछलियां कैल्शियम का स्रोत हो सकती हैं। खासतौर पर ऐसी छोटी मछलियां, जिन्हें उनकी नरम हड्डियों के साथ खाया जाता है, कैल्शियम उपलब्ध करा सकती हैं। इसके अलावा बाजार में पौधों से बने कुछ ऐसे दूध भी उपलब्ध हैं, जिनमें कैल्शियम अलग से मिलाया जाता है। ऐसे उत्पाद खरीदते समय पैकेट पर दी गई कैल्शियम की मात्रा जरूर देखनी चाहिए।

केवल कैल्शियम खाना पर्याप्त नहीं, विटामिन डी पर भी दें ध्यान

कैल्शियम की बात करते समय विटामिन डी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। शरीर को कैल्शियम का सही तरीके से इस्तेमाल करने के लिए विटामिन डी की भी जरूरत होती है। इसलिए भोजन में विटामिन डी वाले खाद्य पदार्थों को भी जगह देना जरूरी है।

अगर शरीर में विटामिन डी या कैल्शियम की कमी की आशंका है, तो इसकी जांच और उचित सलाह के लिए डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से संपर्क किया जा सकता है। जरूरत के अनुसार डॉक्टर की सलाह से कमी को पूरा किया जाना चाहिए।

कैल्शियम की गोलियां खुद से शुरू करना सही नहीं

कैल्शियम की कमी का संदेह होने पर बिना सलाह के कैल्शियम की अधिक मात्रा वाली गोलियां लेना उचित नहीं है। कैल्शियम की जरूरत व्यक्ति की उम्र, खानपान और स्वास्थ्य स्थिति समेत कई बातों पर निर्भर कर सकती है। इसलिए किसी भी कैल्शियम सप्लीमेंट को शुरू करने से पहले डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

दूध-दही न लेने वालों के लिए विकल्पों की कमी नहीं

कुल मिलाकर, दूध और दही कैल्शियम के लोकप्रिय स्रोत जरूर हैं, लेकिन इनके अलावा भी कई खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल किया जा सकता है। रागी, तिल, टोफू, सोया मिल्क, हरी सब्जियां, बादाम और कुछ छोटी मछलियां ऐसे विकल्प हैं जिनसे कैल्शियम युक्त आहार तैयार करने में मदद मिल सकती है। संतुलित भोजन के साथ कैल्शियम और विटामिन डी दोनों पर ध्यान देना शरीर के लिए महत्वपूर्ण है।