दिल्ली सरकार ने राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ड्राफ्ट EV पॉलिसी 2026-30 का प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव के तहत 1 अप्रैल 2028 से दिल्ली में नई पेट्रोल से चलने वाली दोपहिया गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने की योजना बनाई गई है। सरकार का मानना है कि इससे प्रदूषण में कमी आएगी और लोग तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख करेंगे। हालांकि, इस घोषणा के बाद आम लोगों के बीच कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि नई पेट्रोल बाइक का रजिस्ट्रेशन बंद हो जाएगा, तो क्या पेट्रोल पंपों पर भी पेट्रोल मिलना बंद हो जाएगा? क्या पहले से चल रही पेट्रोल बाइक और कारों पर भी इसका असर पड़ेगा? आइए जानते हैं कि प्रस्तावित नीति में क्या कहा गया है और इसका वाहन मालिकों पर वास्तविक प्रभाव क्या होगा।
मौजूदा पेट्रोल वाहन पहले की तरह चलते रहेंगे
ड्राफ्ट EV पॉलिसी का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसका असर केवल नई पेट्रोल से चलने वाली दोपहिया गाड़ियों पर होगा। यानी जो बाइक और स्कूटर पहले से दिल्ली में रजिस्टर्ड हैं, उन्हें चलाने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगेगा। वाहन मालिक मौजूदा नियमों के अनुसार अपने वाहनों का इस्तेमाल जारी रख सकेंगे और पहले की तरह पेट्रोल भी खरीद सकेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह प्रस्ताव केवल भविष्य में नई पेट्रोल दोपहिया गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन को रोकने के लिए है।
क्या पेट्रोल पंपों पर तेल मिलना बंद हो जाएगा?
इस सवाल का सीधा जवाब नहीं है। ड्राफ्ट EV पॉलिसी में कहीं भी पेट्रोल की बिक्री बंद करने या पेट्रोल पंपों को बंद करने का प्रावधान नहीं है। दिल्ली में पहले से लाखों पेट्रोल और डीजल वाहन मौजूद हैं, जिन्हें ईंधन की आवश्यकता बनी रहेगी। इसलिए पेट्रोल पंप पहले की तरह संचालित होते रहेंगे और लोगों को सामान्य रूप से पेट्रोल मिलता रहेगा।
किन वाहनों पर लागू होगा नया नियम?
अगर यह ड्राफ्ट पॉलिसी लागू होती है, तो 1 अप्रैल 2028 के बाद दिल्ली में नई पेट्रोल मोटरसाइकिल और स्कूटर का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा। यानी प्रतिबंध केवल नई पेट्रोल दोपहिया गाड़ियों तक सीमित रहेगा। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई प्रोत्साहन योजनाओं पर भी काम कर रही है, ताकि लोग धीरे-धीरे EV अपनाने के लिए प्रेरित हों।
पुराने वाहनों पर पहले से लागू हैं अलग नियम
दिल्ली में एंड-ऑफ-लाइफ (End-of-Life) वाहनों को लेकर पहले से नियम लागू हैं। 1 जुलाई 2025 से 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों को पेट्रोल पंपों से ईंधन नहीं दिया जाता। इसके लिए फ्यूल स्टेशनों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं, जो पुराने वाहनों की पहचान कर उन्हें ईंधन देने से रोकते हैं। हालांकि, यह नियम केवल निर्धारित आयु पूरी कर चुके वाहनों पर लागू होता है और इसका नई EV पॉलिसी से सीधा संबंध नहीं है
