जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान खाना और पीने के पानी की व्यवस्था संभालने वाले मोहम्मद जुनैद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। उन्होंने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि पुलिस उन्हें और उनके परिवार को प्रताड़ित कर रही है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की गई है। जुनैद का कहना है कि पुलिस उन्हें दिल्ली से उठाकर 4-5 घंटे बाद हरिद्वार के पास छोड़ गई और इस दौरान उन्हें धमकाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके पिता और बहन के ससुराल वालों को भी परेशान किया जा रहा है।
कौन हैं मोहम्मद जुनैद?
मोहम्मद जुनैद आंदोलन के शुरुआती दिनों में सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए थे। वह पर्दे के पीछे रहकर CJP के प्रदर्शन में शामिल युवाओं के लिए खाने और पीने के पानी की व्यवस्था संभालते थे। हालांकि प्रदर्शन के अंतिम चरण तक आते-आते लोग उन्हें 'जुनैद भाई' के नाम से पहचानने लगे और वह आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए।
CJP Protest: प्रदर्शनकारियों के लिए खाना-पानी का इंतजाम करने वाले जुनैद पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, की ये मांगSource : Anp news .com
आंदोलन के दौरान कैसे बने पहचान?
मोहम्मद जुनैद प्रदर्शन के शुरुआती दिनों में सामने नहीं आए थे। वह आमतौर पर पर्दे के पीछे रहकर CJP के प्रदर्शन में शामिल युवाओं के लिए खाने और पीने के पानी की व्यवस्था करते थे। हालांकि आंदोलन के आखिरी दौर तक लोग उन्हें 'जुनैद भाई' के नाम से पहचानने लगे और वह प्रदर्शन के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए।
CJP में नहीं संभाला कोई पद
जुनैद उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के नाहल गांव के रहने वाले हैं। अभिजीत या सौरव दास की तरह उन्होंने संगठन में कोई पद नहीं लिया था। उनकी मुख्य जिम्मेदारी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल लोगों के रहने और खाने-पीने की व्यवस्था करना थी। जुनैद उस समय चर्चा में आए, जब पुलिस उनके घर पहुंची और तलाशी ली। परिवार का आरोप है कि पुलिस उनके पिता को थाने ले गई और बैंक पासबुक, पैन कार्ड समेत कई दस्तावेज जब्त कर लिए।
परिवार ने भी लगाए गंभीर आरोप
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि मेरठ में रहने वाले उनके रिश्तेदारों को भी परेशान किया गया। हालांकि मेरठ पुलिस ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि जुनैद के किसी रिश्तेदार को हिरासत में लेने या उनके खिलाफ कार्रवाई करने का कोई रिकॉर्ड जिले के किसी भी पुलिस स्टेशन में नहीं मिला।
