ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में एक पालतू तोते के गुम होने की घटना ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अलकापुरी क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार का प्रिय पालतू तोता 'मिट्ठू' (शकुंतला) तीन दिन पहले घर से उड़ गया, जिसके बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में है। अपने इस प्रिय सदस्य को वापस लाने के लिए परिवार ने 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है। उनका कहना है कि इनाम की राशि से अधिक महत्वपूर्ण उनके लिए 'मिट्ठू' की सुरक्षित घर वापसी है।
परिवार का सदस्य बन चुका था 'मिट्ठू'
परिवार के अनुसार, करीब एक वर्ष पहले 'मिट्ठू' उनके घर आया था। वह कभी पिंजरे में बंद नहीं रखा गया। पूरे घर में स्वतंत्र रूप से घूमना, परिवार के सदस्यों के कंधों और हाथों पर बैठना तथा घर की दिनचर्या का हिस्सा बन जाना उसकी आदत बन चुकी थी। धीरे-धीरे वह परिवार के हर सदस्य के बेहद करीब हो गया और सभी का चहेता बन गया।
एक खुली खिड़की बनी बिछड़ने की वजह
परिजनों ने बताया कि सोमवार को घर की एक खिड़की खुली रह गई थी। इसी दौरान 'मिट्ठू' उड़कर बाहर निकल गया। शुरुआत में सभी को उम्मीद थी कि वह कुछ समय बाद वापस लौट आएगा, लेकिन घंटों बीतने के बाद भी जब वह नहीं लौटा तो चिंता बढ़ने लगी। अब तीन दिन गुजर जाने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
दादी और पोती का भावनात्मक लगाव बना चिंता का कारण
परिवार का कहना है कि घर की बुजुर्ग दादी और छोटी पोती का 'मिट्ठू' से सबसे अधिक लगाव था। उसके गायब होने के बाद दोनों बेहद परेशान हैं। परिजनों के मुताबिक, दोनों ने ठीक से खाना-पीना भी छोड़ दिया है और हर आहट पर इस उम्मीद में दरवाजे की ओर देखती हैं कि शायद 'मिट्ठू' वापस लौट आया हो।
50 हजार रुपये का इनाम किया घोषित
पालतू तोते की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए परिवार ने उसे खोजकर लाने वाले व्यक्ति को 50 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। परिवार का कहना है कि यह इनाम केवल लोगों से सहयोग की अपील का एक माध्यम है। उनके लिए सबसे बड़ी खुशी 'मिट्ठू' का सुरक्षित घर लौट आना होगा।
पोस्टर और मुनादी से पूरे शहर में चल रही तलाश
'मिट्ठू' की तलाश के लिए परिवार ने शहरभर में पोस्टर लगवाए हैं। इसके साथ ही ई-रिक्शा के माध्यम से विभिन्न कॉलोनियों और बाजारों में लगातार मुनादी कराई जा रही है। ई-रिक्शा चालक लोगों से अपील कर रहा है कि यदि किसी को यह तोता दिखाई दे तो तुरंत परिवार को सूचना दें।
परिवार ने बताया कि पिछले तीन दिनों में इस अभियान पर हजारों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि किसी नागरिक की एक छोटी-सी सूचना उनके घर की खुशियां वापस लौटा सकती है।
लोग भी तलाश अभियान में कर रहे सहयोग
मामले की जानकारी मिलने के बाद आसपास के कई लोग भी 'मिट्ठू' की तलाश में परिवार का सहयोग कर रहे हैं। स्थानीय निवासी विभिन्न इलाकों में नजर बनाए हुए हैं और यदि कहीं तोता दिखाई देता है तो तुरंत सूचना देने की अपील कर रहे हैं। परिवार को विश्वास है कि सामूहिक प्रयासों से उनका प्रिय तोता जल्द ही सुरक्षित वापस मिल जाएगा।
भावनाओं से जुड़ी बन गई यह कहानी
सामान्य तौर पर पालतू पक्षी या जानवर के गुम होने की घटनाएं अक्सर स्थानीय स्तर तक सीमित रह जाती हैं, लेकिन 'मिट्ठू' की तलाश अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गई है। इसकी वजह परिवार का अपने पालतू तोते के प्रति गहरा भावनात्मक जुड़ाव और उसे वापस पाने के लिए किया जा रहा लगातार प्रयास है।
