बक्सर में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के क्षतिग्रस्त होने और महदह पुल निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब खुली बयानबाजी तक पहुंच गया है। सदर विधायक आनंद मिश्रा द्वारा पूर्व विधायक संजय तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी पर कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने के बाद राजनीति गरमा गई है। इन आरोपों पर पलटवार करते हुए मुन्ना तिवारी ने न सिर्फ आरोपों को सिरे से खारिज किया, बल्कि अपनी और आनंद मिश्रा दोनों की संपत्तियों की जांच कराने की खुली चुनौती भी दे डाली। साथ ही उन्होंने विधायक के एनजीओ की निष्पक्ष जांच की मांग उठाते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों नेताओं के बीच बढ़ी तल्खी के बाद बक्सर की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू हो गया है।
Source : दैनिक भास्कर
बक्सर में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) और क्षतिग्रस्त
महादह पुल निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब और तेज हो गया है। सदर विधायक आनंद मिश्रा द्वारा पूर्व विधायक संजय तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी पर लगाए गए कमीशनखोरी के आरोपों का जवाब देते हुए मुन्ना तिवारी ने पलटवार किया है। उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए दोनों नेताओं की संपत्ति की जांच कराने की चुनौती दी और कहा कि सच सामने आना चाहिए।
संपत्ति जांच और एनजीओ की जांच की मांग
मुन्ना तिवारी ने कहा कि उनके परिवार के पास पर्याप्त पुश्तैनी संपत्ति है और उन्होंने कभी किसी निर्माण कार्य में कमीशन नहीं लिया। उन्होंने कहा कि यदि उनकी संपत्ति की जांच होती है तो विधायक आनंद मिश्रा की संपत्ति की भी समान रूप से जांच होनी चाहिए। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि आईपीएस सेवा के दौरान आनंद मिश्रा ने अकूत संपत्ति अर्जित की और वर्तमान में उनके द्वारा संचालित एनजीओ की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि समय आने पर वह कई अन्य तथ्यों को भी सार्वजनिक करेंगे।
जासो रोड और विकास कार्यों पर भी साधा निशाना
पूर्व विधायक ने जासो रोड के मुद्दे पर भी वर्तमान विधायक को घेरा। उन्होंने कहा कि सड़क को आरसीडी विभाग में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया को लेकर जनता को भ्रमित किया जा रहा है। तिवारी का दावा है कि यदि ऐसा किया गया तो कई गांवों के विस्थापन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने कहा कि सड़क पर कार्य शुरू कराने की प्रक्रिया पहले से चल रही थी, लेकिन वर्तमान विधायक अपने कार्यकाल में इसे आगे नहीं बढ़ा सके।
'अली बाबा और 40 चोर' बयान पर बढ़ा विवाद
“अली बाबा और 40 चोर” वाले बयान को लेकर भी मुन्ना तिवारी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी पूर्व सांसद अश्विनी कुमार चौबे के संदर्भ में की गई थी और जिन लोगों को उस बयान से जोड़ा जा रहा है, उनमें से कई आज आनंद मिश्रा के साथ हैं। तिवारी ने तंज कसते हुए कहा कि आनंद मिश्रा अभी भी अधिकारी की भूमिका से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाए हैं, जबकि राजनीति में जनसेवा और जनसंपर्क की समझ आवश्यक होती है। उन्होंने कहा कि उन्हें राजनीति का चार दशक का अनुभव है और यदि जरूरत पड़ी तो वह राजनीति के गुर भी सिखाने को तैयार हैं।
