बक्सर। ईद मिलादुन्नबी के मुबारक अवसर पर बुधवार की शाम चीनी मिल स्थित साबित खिदमत फाउंडेशन एवं अस्पताल परिसर में अकीदत और उत्साह के साथ विशेष जलसे का आयोजन किया गया। इस मौके पर पूरा परिसर धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम की शुरुआत नात-ए-पाक से हुई, जिसके बाद विभिन्न नातख्वानों ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को पुरनूर बना दिया।
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नात-ए-पाक से शुरू हुआ जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी
साबित खिदमत फाउंडेशन एवं अस्पताल परिसर में आयोजित जलसे में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता और अस्पताल के कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान नात-ए-पाक की प्रस्तुतियों ने माहौल को भक्तिमय और भावपूर्ण बना दिया।
मशहूर शायर साबित रोहतासवी ने नात-ए-शरीफ पेश कर कार्यक्रम में मौजूद लोगों की खूब सराहना हासिल की। उन्होंने अपनी चर्चित नात “मेरे गौस-ए-आजम का मुझ पर करम है” पेश की। उनकी प्रस्तुति को लोगों ने काफी पसंद किया और कार्यक्रम का माहौल और भी भावपूर्ण हो गया।
डॉ. दिलशाद आलम ने दिया अमन और इंसानियत का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए साबित खिदमत फाउंडेशन एवं अस्पताल के निदेशक डॉ. दिलशाद आलम ने ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद देते हुए अमन, भाईचारे, दया और इंसानियत का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने पूरी मानवता को शांति, भाईचारे, दया और इंसानियत का संदेश दिया।
डॉ. दिलशाद आलम ने कहा कि समाज में अमन और मोहब्बत कायम रखने के लिए पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के बताए रास्ते पर चलने की जरूरत है। उन्होंने आपसी भाईचारे और इंसानियत को समाज की मजबूती का आधार बताया।
अल्लामा इकबाल की पंक्तियों का किया उल्लेख
अपने संबोधन के दौरान डॉ. दिलशाद आलम ने मशहूर शायर अल्लामा इकबाल की प्रसिद्ध पंक्तियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा—“मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना, हिंदी हैं हम, वतन है हिंदोस्तां हमारा।”
इन पंक्तियों के माध्यम से उन्होंने आपसी प्रेम, सामाजिक एकता और देश के प्रति साझा भावना का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज में आपसी सौहार्द और मोहब्बत को मजबूत करना सभी की जिम्मेदारी है।
‘मां अंसारी रोटरी ब्लड बैंक’ को लेकर कही बड़ी बात
डॉ. दिलशाद आलम ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में रोटरी क्लब की ओर से लगाए जाने वाले ‘मां अंसारी रोटरी ब्लड बैंक’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने फाउंडेशन के जनकल्याणकारी कार्यों में सहयोग देने वाले जिलेवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के प्रति आभार भी जताया। डॉ. दिलशाद आलम ने कहा कि समाज के लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से जनकल्याण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।
साबित रोहतासवी की नात ने बांधा समां
जलसे में मशहूर शायर साबित रोहतासवी की नात-ए-शरीफ प्रमुख आकर्षण रही। उन्होंने “मेरे गौस-ए-आजम का मुझ पर करम है” नात प्रस्तुत की। उनकी प्रस्तुति के दौरान कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों ने खूब सराहना की।
इसके अलावा डेंटल सर्जन डॉ. खालिद रजा, अधिवक्ता हामिद रजा, इंजीनियर शहीद रजा और शायर शहरयार सहित अन्य नातख्वानों ने भी नात-ए-शरीफ पेश की। अलग-अलग नात प्रस्तुतियों के माध्यम से कार्यक्रम में धार्मिक आस्था और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।
हाफिज मारूफ की तकरीर ने भी खींचा ध्यान
कार्यक्रम के दौरान हाफिज मारूफ ने तकरीर पेश की। उनकी तकरीर से जलसे का माहौल और अधिक पुरनूर हो गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने धार्मिक संदेशों को ध्यानपूर्वक सुना।
ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर आयोजित इस जलसे में धार्मिक प्रस्तुतियों और तकरीर के साथ पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के संदेशों को याद किया गया। कार्यक्रम का मुख्य भाव अमन, भाईचारे और इंसानियत के इर्द-गिर्द रहा।
बच्चों ने भी पेश की नात-ए-शरीफ
जलसे में बच्चों की भागीदारी भी देखने को मिली। फख्र-ए-आलम समेत कई बच्चों ने नात-ए-शरीफ पेश की। बच्चों की प्रस्तुतियों को भी लोगों ने सराहा। धार्मिक कार्यक्रम में बच्चों की भागीदारी ने आयोजन को विशेष रूप से आकर्षक बना दिया।
कार्यक्रम में नातख्वानों की प्रस्तुतियों के बीच लोगों ने धार्मिक भावनाओं के साथ पूरे आयोजन में सहभागिता की। ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर आयोजित इस जलसे में विभिन्न वर्गों के लोगों की मौजूदगी रही।
जिलेवासियों और अतिथियों को दी मुबारकबाद
कार्यक्रम के अंत में डॉ. दिलशाद आलम ने बक्सरवासियों और उपस्थित सभी अतिथियों को ईद मिलादुन्नबी की दिली मुबारकबाद दी। उन्होंने समाज में अमन, मोहब्बत और भाईचारे की भावना को मजबूत बनाए रखने का संदेश दिया।
उन्होंने फाउंडेशन के जनकल्याणकारी कार्यों में सहयोग करने वाले लोगों के प्रति भी आभार जताया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर एक-दूसरे को मुबारकबाद दी और आयोजन में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
बड़ी संख्या में गणमान्य लोग रहे मौजूद
ईद मिलादुन्नबी के इस विशेष कार्यक्रम में महताब अली, डॉ. निसार अहमद, गुलाम ख्वाजा, राहुल, नासिर, नसीम, नसरा, अमीनुल अशरफ नबी, रायजी और इंजीनियर शहीद रजा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
इसके अलावा चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता और साबित खिदमत फाउंडेशन एवं अस्पताल के कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की मौजूदगी ने आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया।
धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश
साबित खिदमत फाउंडेशन एवं अस्पताल परिसर में आयोजित यह जलसा धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और मानवता के संदेश को भी सामने लाया। नात-ए-पाक, तकरीर और संबोधन के माध्यम से अमन, भाईचारे, दया और इंसानियत को प्रमुखता दी गई।
डॉ. दिलशाद आलम के संबोधन में पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के संदेशों को समाज के लिए प्रासंगिक बताते हुए आपसी मोहब्बत और शांति कायम रखने की बात कही गई। वहीं अल्लामा इकबाल की पंक्तियों के उल्लेख के जरिए भी सामाजिक एकता और देशप्रेम का संदेश सामने आया।
