
Buxar
बक्सर। पंचायतों के विकास कार्यों में पारदर्शिता और स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता बढ़ाने को लेकर गुरुवार को नगर भवन में ग्राम पंचायतों के मुखियाओं के लिए उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला पदाधिकारी श्रीमती साहिला की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में पंचायतों की विकास योजनाओं को समय पर पूरा करने और आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) निर्धारित समय-सीमा में तैयार की जाए। विकास योजनाओं का चयन ग्राम सभा के माध्यम से आम जनता की सहभागिता और सहमति से प्राथमिकता के आधार पर करने का निर्देश दिया गया। चयनित योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने को भी कहा गया।
पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। डीएम ने पंचायतों को अपने राजस्व स्रोत विकसित करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर आय बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर विकसित राजस्व स्रोतों को पंचायत के विकास कार्यों से जोड़कर पंचायतों को धीरे-धीरे अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में स्थानीय सतत विकास लक्ष्यों के नौ लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए पंचायत स्तर पर GPDP के प्रभावी क्रियान्वयन को जरूरी बताया गया। इसके जरिए वर्ष 2030 तक पंचायतों में समावेशी और सतत विकास सुनिश्चित करने की दिशा में काम करने पर बल दिया गया।
महिला प्रतिनिधियों की भागीदारी पर खास फोकस
पंचायतों में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी को लेकर भी निर्देश दिए गए। उन्हें पंचायत के विकास कार्यों की पूरी जानकारी रखने और योजनाओं के क्रियान्वयन में स्वयं सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया। ग्राम सभाओं में महिला जनप्रतिनिधियों की पूर्ण एवं सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि वे पंचायतों के विकास में नेतृत्व क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन कर सकें।
