दहकती गर्मी, भीषण लू और अचानक झमाझम बारिश... बिहार इन दिनों मौसम के सबसे अनोखे दौर से गुजर रहा है। एक तरफ दक्षिण और पश्चिम बिहार के कई जिले अभी भी तेज गर्मी और लू से जूझ रहे हैं, तो दूसरी ओर मानसून की तेज रफ्तार ने उत्तर और पूर्वी बिहार में राहत की उम्मीद जगा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 29 जून से राज्य के कई हिस्सों में मौसम पूरी तरह करवट लेने वाला है। अगले 48 से 72 घंटों में भारी बारिश, तेज हवाएं और तापमान में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे लंबे समय से गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।बिहार में मानसून का असर

बिहार में मानसून का असर

मानसून ने बढ़ाए कदम, बिहार में तेजी से बदल रहा मौसम

IMD के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल मोतिहारी से होकर गुजर रही है और अगले दो से तीन दिनों में पूरे बिहार में इसके सक्रिय होने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन चुकी हैं। यही वजह है कि उत्तर-पूर्व और पूर्वी बिहार में बारिश की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून के पूरी तरह सक्रिय होते ही राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी वर्षा होगी और लंबे समय से जारी भीषण गर्मी का असर कम होने लगेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मानसून की सक्रियता कृषि, जलस्तर और मौसम संतुलन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, कई जगह तेज हवाओं की चेतावनी

29 जून को भागलपुर, कटिहार, किशनगंज और रोहतास जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद 30 जून को अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और सुपौल के लिए अत्यधिक भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं कटिहार, मधेपुरा, मधुबनी और सहरसा में भी तेज बारिश होने की संभावना है। 1 जुलाई को दक्षिण बिहार के औरंगाबाद, गया और नवादा में भी भारी से अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग ने कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, मेघगर्जन और वज्रपात की भी चेतावनी दी है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

बारिश के बीच कई जिलों में अभी भी लू का असर बरकरार

मानसून की दस्तक के बावजूद राज्य के कई जिलों में गर्मी का प्रकोप अभी कम नहीं हुआ है। पिछले 24 घंटों के दौरान शेखपुरा में भीषण लू दर्ज की गई, जबकि कैमूर, बक्सर, गया, औरंगाबाद और डेहरी जैसे इलाकों में भी उष्ण लहर का असर बना रहा। भभुआ राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके विपरीत पश्चिमी चंपारण का वाल्मीकि नगर सबसे ठंडा क्षेत्र रहा, जहां 54 मिमी बारिश के साथ न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।

किसानों और आम लोगों के लिए राहत, लेकिन सतर्कता भी जरूरी

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता किसानों के लिए राहत लेकर आएगी, क्योंकि धान की बुआई और खरीफ फसलों के लिए यह बारिश बेहद अहम मानी जाती है। हालांकि भारी वर्षा, तेज हवाओं और वज्रपात की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने, खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा न करने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। आने वाले सप्ताह में मानसून पूरे बिहार में सक्रिय होकर मौसम को पूरी तरह बदल सकता है।