
सम्राट चौधरी को इरफान अंसारी की नसीहत।
बिहार में अपराध नियंत्रण के लिए अपनाई जा रही रणनीतियों और कथित एनकाउंटर राजनीति को लेकर छिड़ी बहस के बीच झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को संबोधित करते हुए एक खुला पत्र लिखा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी इस संदेश में अंसारी ने बिहार की राजनीतिक विरासत, सामाजिक न्याय की परंपरा और लोकतांत्रिक मूल्यों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य को किसी दूसरे मॉडल की नकल करने के बजाय अपनी ऐतिहासिक पहचान और संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उनके इस बयान को बिहार की कानून-व्यवस्था और शासन शैली को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच एक महत्वपूर्ण राजनीतिक टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है।
'बिहार को उसकी आत्मा और परंपरा के अनुसार चलाइए'
डॉ. इरफान अंसारी ने अपने पत्र में लिखा कि सम्राट चौधरी एक बड़े संवैधानिक पद पर हैं और जनता ने उन्हें अपनी अलग पहचान बनाने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार को उसकी गौरवशाली राजनीतिक परंपरा और सामाजिक न्याय की विचारधारा के अनुरूप चलाया जाना चाहिए। अंसारी ने लिखा, "कृपया उत्तर प्रदेश की नकल ना करें। यह बिहार है, यहां के लोग जागरूक हैं।" उन्होंने कहा कि एनकाउंटर, बुलडोजर कार्रवाई, लोगों को बेदखल करना या भय का वातावरण बनाकर शासन चलाना लोकतंत्र की स्थायी पहचान नहीं हो सकती। उनके मुताबिक इतिहास इस बात का गवाह है कि जनता के दिलों पर राज करने वाली सरकारें ही लंबे समय तक सम्मान और स्वीकार्यता हासिल करती हैं।
बुद्ध, महावीर, जेपी और कर्पूरी ठाकुर की विरासत का दिया हवाला
झारखंड के मंत्री ने कहा कि बिहार भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, लोकनायक जयप्रकाश नारायण और जननायक कर्पूरी ठाकुर की धरती है, जहां की राजनीति सामाजिक न्याय, संवाद, भाईचारे और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है, लेकिन हर कदम संविधान और कानून के दायरे में होना चाहिए। अंसारी ने जोर देकर कहा कि सरकार की ताकत बुलडोजर या गोलियों से नहीं, बल्कि जनता के विश्वास से मापी जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी मां-बाप के लिए उनकी संतान सबसे अनमोल होती है, इसलिए शासन चलाते समय संवेदनशीलता, न्याय और मानवीय दृष्टिकोण को नहीं भूलना चाहिए।
'नफरत नहीं मोहब्बत, भय नहीं विश्वास' के साथ खत्म किया संदेश
अपने पत्र के अंत में डॉ. अंसारी ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत संवाद, प्रेम और जनता का भरोसा है। उन्होंने दावा किया कि झारखंड में वे अपने विरोधियों की भी बात सुनने और उनका सम्मान करने का प्रयास करते हैं। सम्राट चौधरी को संबोधित करते हुए उन्होंने संविधान पर विश्वास रखने, कानून के शासन को मजबूत करने और बिहार को विकास, भाईचारे तथा सामाजिक सौहार्द की दिशा में आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने अपना संदेश "नफरत नहीं, मोहब्बत... भय नहीं, विश्वास... दमन नहीं, विकास" जैसे राजनीतिक संदेश के साथ समाप्त किया, जो अब राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
