पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव जीतने के बाद प्रशांत किशोर अब अपने क्षेत्र में किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में काम शुरू करने का दावा कर रहे हैं। चुनाव जीतने के कुछ ही दिनों बाद वह लगातार इलाके में लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार को लेकर बड़ा ऐलान किया है। प्रशांत किशोर ने कहा है कि उनका लक्ष्य अगले एक से दो साल में बांकीपुर के कम से कम 10 हजार युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में नौकरी दिलाने का है।
प्रशांत किशोर ने युवाओं से कहा है कि जिनके पास नौकरी नहीं है, वे अपना अपडेटेड सीवी और बायोडाटा उनके कार्यालय में जमा कर सकते हैं। उनका कहना है कि इन युवाओं को उनकी योग्यता के हिसाब से कंपनियों से जोड़ने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि बात सरकारी नौकरी की नहीं है, बल्कि निजी कंपनियों में रोजगार के मौके दिलाने की है।
प्रशांत किशोर के मुताबिक, देशभर में उनके संपर्कों का इस्तेमाल युवाओं को कंपनियों तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा। हालांकि, नौकरी पाने वाले युवाओं को शुरुआत में बिहार से बाहर जाकर काम करना पड़ सकता है। यानी अगर किसी कंपनी में बिहार के बाहर नौकरी का मौका मिलता है तो उम्मीदवार को वहां जाकर काम करना होगा।
यह घोषणा इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि बिहार में रोजगार और पलायन लंबे समय से बड़े मुद्दे रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान भी प्रशांत किशोर लगातार बेरोजगारी और युवाओं के दूसरे राज्यों में जाने का मुद्दा उठाते रहे थे। बांकीपुर में चुनाव लड़ते समय उन्होंने लोगों से रोजगार, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई वादे किए थे। अब चुनाव जीतने के बाद उन वादों को जमीन पर उतारना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी।
बांकीपुर सीट पर प्रशांत किशोर की जीत भी काफी चर्चा में रही। जन सुराज के संस्थापक ने बीजेपी के लंबे समय से मजबूत माने जाने वाले इस इलाके में जीत हासिल की। बांकीपुर में 1995 से बीजेपी का दबदबा रहा था और नितिन नवीन के परिवार का भी इस सीट पर लंबा राजनीतिक प्रभाव रहा है। ऐसे में प्रशांत किशोर की जीत को उनकी राजनीति के लिए बड़ा मोड़ माना जा रहा है।
जीत के बाद प्रशांत किशोर ने कहा है कि अब उनका असली काम शुरू हुआ है। उन्होंने बांकीपुर की जनता से किए गए वादों को पूरा करने की बात कही है। इनमें रोजगार के साथ शिक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने जैसे मुद्दे भी शामिल हैं।
प्राइवेट नौकरी को लेकर किए गए इस ऐलान पर अब लोगों की नजर रहेगी कि आने वाले महीनों में कितने युवाओं को वास्तव में नौकरी मिलती है। 10 हजार युवाओं को रोजगार दिलाने का लक्ष्य आसान नहीं है, लेकिन प्रशांत किशोर ने इसे अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। अब बांकीपुर के युवाओं के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनके पास जमा होने वाले सीवी में से कितने लोगों को नौकरी का मौका मिलता है।
फिलहाल प्रशांत किशोर का फोकस साफ तौर पर रोजगार और स्थानीय मुद्दों पर दिखाई दे रहा है। चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करने की शुरुआत रोजगार से करने का उनका फैसला युवाओं के बीच कितना असर डालता है, यह आने वाले समय में साफ होगा। लेकिन इतना जरूर है कि बांकीपुर की जीत के बाद 10 हजार नौकरियों का यह ऐलान अब चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
