भरत तिवारी की मौत की परिस्थितियों पर उठे सवालों के बीच बिहार सरकार का बड़ा फैसला, न्यायिक आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर परिवार को आर्थिक मदद और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा
Bharat Tiwari Encounter: मौत के बाद बड़ा ऐलान! परिवार को मुआवजा और सरकारी नौकरी, आखिर जांच में क्या आया सामने?Source : Abp news.com
बिहार में भरत तिवारी की मौत को लेकर उठ रहे सवालों के बीच राज्य सरकार ने उनके परिवार के लिए बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। सरकार की ओर से दी जाने वाली यह सहायता मामले की जांच कर रहे न्यायिक आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।
भरत तिवारी की मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठने के बाद बिहार सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए थे। अब जांच आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर परिवार को मदद देने की घोषणा सामने आई है।
परिवार को क्या-क्या मिलेगा?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भी फैसला किया गया है।
हालांकि, सरकार की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि परिवार को कितनी राशि का मुआवजा दिया जाएगा और सरकारी नौकरी किस विभाग या पद पर दी जाएगी। इन पहलुओं को लेकर आगे की प्रक्रिया न्यायिक जांच की रिपोर्ट और सरकार के निर्णय के आधार पर सामने आ सकती है।
भरत तिवारी की मौत पर क्यों उठे सवाल?
भरत तिवारी की मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठने के बाद इस मामले की जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन किया गया था। सरकार ने पूरे घटनाक्रम की जांच कराने का फैसला इसलिए लिया, ताकि मौत से जुड़े तमाम पहलुओं की पड़ताल की जा सके।
न्यायिक आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर ही अब सरकार ने पीड़ित परिवार को सहायता देने की घोषणा की है। इससे यह साफ है कि मामला अभी पूरी तरह जांच के दायरे में है और अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
न्यायिक जांच की रिपोर्ट पर टिकी नजर
सरकार के ऐलान के बाद अब सबसे ज्यादा नजर न्यायिक आयोग की जांच पर है। आयोग अपनी जांच में भरत तिवारी की मौत से जुड़े घटनाक्रम, परिस्थितियों और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रहा है।
अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने का फैसला किया गया है। हालांकि, अंतिम जांच रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष सामने आता है, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
सरकार के ऐलान से परिवार को राहत की उम्मीद
भरत तिवारी के परिवार के लिए मुख्यमंत्री की घोषणा आर्थिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। परिवार को आर्थिक सहायता मिलने के साथ एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने से उन्हें आगे की जिंदगी में सहारा मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल सरकार की ओर से मुआवजे की सटीक राशि और नौकरी से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं न्यायिक जांच की प्रक्रिया भी जारी है।
अब बड़ा सवाल यही है कि न्यायिक आयोग की अंतिम रिपोर्ट में भरत तिवारी की मौत को लेकर क्या निष्कर्ष सामने आएगा और क्या सरकार की ओर से इसके बाद कोई और बड़ा फैसला लिया जाएगा? फिलहाल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस ऐलान के बाद मामले ने एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा तेज कर दी है।
