Source : NDTV

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मेडिकल साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने एक बार फिर ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसे कुछ साल पहले तक लगभग असंभव माना जाता था। नाइजीरिया की दो सगी बहनें गुडनेस और मर्सी, जो जन्म से ही एक-दूसरे के सिर से जुड़ी हुई थीं, अब अलग-अलग जिंदगी जी रही हैं। करीब 40 घंटे तक चली जटिल सर्जरी, AI तकनीक और दुनिया भर के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की मदद से यह मुश्किल ऑपरेशन सफल हुआ। अब दोनों बच्चियां स्वस्थ हैं और अपने परिवार के साथ सामान्य बचपन का आनंद ले रही हैं।

जन्म से जुड़ी थीं दोनों बहनें, बेहद दुर्लभ था मामला

गुडनेस और मर्सी का जन्म जून 2023 में नाइजीरिया में हुआ था। दोनों ‘क्रैनियोपैगस ट्विन्स’ थीं, यानी उनके सिर आपस में जुड़े हुए थे। इतना ही नहीं, उनके दिमाग के कुछ हिस्से और महत्वपूर्ण रक्त वाहिकाएं भी एक-दूसरे से जुड़ी थीं। डॉक्टरों के मुताबिक यह दुनिया की सबसे दुर्लभ जन्मजात स्थितियों में से एक है और लगभग 25 लाख जन्मों में केवल एक मामला सामने आता है। इस वजह से दोनों को अलग करना मेडिकल जगत के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा था।

AI, VR और 3D मॉडलिंग ने सर्जरी को बनाया संभव

जब बच्चियां छह महीने की थीं, तब उन्हें इलाज के लिए लंदन ले जाया गया। इसके बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों ने महीनों तक उनकी स्थिति का अध्ययन किया। सर्जरी से पहले AI, वर्चुअल रियलिटी (VR) और 3D मॉडलिंग की मदद से बच्चियों के दिमाग और नसों का डिजिटल नक्शा तैयार किया गया। इससे डॉक्टरों को ऑपरेशन की हर चुनौती का पहले से अंदाजा लगाने में मदद मिली। चार महीनों के भीतर चार बड़े ऑपरेशन किए गए और पूरी प्रक्रिया में 20 देशों के 60 से अधिक मेडिकल विशेषज्ञ शामिल रहे।

12 घंटे के अंतिम ऑपरेशन में मिली सबसे बड़ी सफलता

बच्चियों को अलग करने का अंतिम और सबसे जटिल ऑपरेशन संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी स्थित शेख खलीफा मेडिकल सिटी में किया गया। न्यूरोसर्जन डॉ. नूर उल ओवैस जिलानी और 12 विशेषज्ञ सर्जनों की टीम ने लगातार 12 घंटे तक ऑपरेशन कर दोनों के सिर और जुड़ी हुई रक्त वाहिकाओं को सफलतापूर्वक अलग किया। इस तरह की सर्जरी में भारी रक्तस्राव, लकवा और न्यूरोलॉजिकल क्षति का खतरा रहता है, लेकिन आधुनिक तकनीक और सटीक योजना की वजह से ऑपरेशन सफल रहा।

अब सामान्य बच्चों की तरह जी रही हैं जिंदगी

सर्जरी के बाद दोनों बच्चियों की रिकवरी उम्मीद से बेहतर रही। अब गुडनेस और मर्सी अपने परिवार के साथ नाइजीरिया में रह रही हैं, खेल रही हैं और सामान्य बच्चों की तरह अपना बचपन जी रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह उपलब्धि सिर्फ दो बच्चियों को नई जिंदगी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साबित करती है कि AI और आधुनिक मेडिकल तकनीक भविष्य में जटिल सर्जरी को और अधिक सुरक्षित व सफल बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।