1नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद सांसद सायोनी घोष और काकोली घोष दस्तीदार की तस्वीरें सामने आने से सियासी हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। दोनों नेताओं ने पीएम मोदी के साथ मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की हैं। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब दोनों तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर 20 सांसदों वाले बागी गुट का हिस्सा बन चुकी हैं। इस गुट की एनडीए के साथ बढ़ती नजदीकी के बीच पीएम मोदी से मुलाकात को लेकर कई तरह के राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं।

पीएम मोदी से पहली मुलाकात को सायोनी ने बताया यादगार पल

सायोनी घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी मुलाकात का वीडियो और तस्वीरें शेयर कीं। उन्होंने पोस्ट के साथ लिखा, “माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ मेरी पहली मुलाकात। एक यादगार पल!” उनके द्वारा मुलाकात को सार्वजनिक तौर पर खास और यादगार बताए जाने के बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गईं। साझा किए गए वीडियो में सायोनी घोष प्रधानमंत्री मोदी के साथ बातचीत करती हुई नजर आ रही हैं। खास बात यह है कि कभी तृणमूल कांग्रेस के साथ सक्रिय रहीं सायोनी अब पार्टी से अलग हो चुकी हैं और एक नए राजनीतिक गुट का हिस्सा हैं। ऐसे में पीएम मोदी के साथ उनकी पहली मुलाकात को लेकर सियासी गलियारों में खास दिलचस्पी देखने को मिल रही है।

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20 बागी सांसदों के गुट ने बदली राजनीतिक दिशा

सायोनी घोष और काकोली घोष दस्तीदार उन 20 सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के साथ जाने का ऐलान किया है। इस गुट ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र देकर NCPI के साथ विलय की जानकारी भी दी थी। रिपोर्टों के मुताबिक, इस समूह में सायोनी घोष और काकोली घोष दस्तीदार के अलावा सुदीप बंद्योपाध्याय, शताब्दी रॉय, यूसुफ पठान, दीपक अधिकारी और जून मालिया समेत कई प्रमुख नाम शामिल हैं। इस बीच काकोली घोष दस्तीदार ने कहा था कि उनका गुट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में एनडीए के साथ काम करेगा। इसके बाद NCPI से जुड़े सांसदों के एनडीए की संसदीय बैठक में शामिल होने की खबरों ने इस नए राजनीतिक समीकरण को और स्पष्ट कर दिया। ऐसे में पीएम मोदी के साथ सायोनी और काकोली की मुलाकात को इसी बदलते राजनीतिक समीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।

तस्वीरों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल- क्या दिया संकेत?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद सायोनी घोष और काकोली घोष दस्तीदार की ओर से तस्वीरें साझा किए जाने ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दिया है। एक तरफ 20 सांसदों वाला बागी गुट तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर नई राजनीतिक दिशा में आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ इस गुट की एनडीए के साथ नजदीकी लगातार सामने आ रही है। ऐसे में सायोनी घोष का पीएम मोदी के साथ पहली मुलाकात को “यादगार पल” बताना भी चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, इस मुलाकात के बाद किसी बड़े राजनीतिक फैसले या भविष्य की रणनीति को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि पीएम मोदी से हुई यह मुलाकात महज शिष्टाचार मुलाकात थी या इसके पीछे आने वाले दिनों की राजनीति को लेकर कोई बड़ा संकेत छिपा है। अब सभी की नजर इस नए राजनीतिक गुट के अगले कदम पर टिकी है।