erere | Source: erereमैनपुरी (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। बिछवां थाना परिसर के बाहर पांच वर्षीय मासूम गुंजन की सड़क हादसे में मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब बच्ची अपनी मां को घर ले जाने की उम्मीद में थाने पहुंची थी। परिवार के लोग पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन इसी दौरान एक दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं।

सात दिन पहले घर छोड़कर चली गई थी महिला

जानकारी के अनुसार, बिछवां थाना क्षेत्र के गांव कुंजलपुर निवासी संजू की शादी लगभग सात वर्ष पहले भोगांव क्षेत्र की रहने वाली शिवानी से हुई थी। दोनों की दो संतानें हैं, जिनमें पांच वर्षीय गुंजन और दो वर्षीय किट्टू शामिल हैं।

बताया गया कि करीब सात दिन पहले शिवानी घर छोड़कर चली गई थी। इसके बाद संजू ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने तलाश के बाद सोमवार रात शिवानी को बरामद कर बिछवां थाने लाया। सूचना मिलने पर पति, दोनों पक्षों के परिजन और अन्य रिश्तेदार भी थाने पहुंच गए।

परिवार करता रहा समझाने की कोशिश

थाने में मौजूद परिवार के लोगों ने शिवानी को घर वापस चलने के लिए काफी समझाया। पति संजू ने भी दोनों बेटियों का हवाला देते हुए साथ चलने की अपील की।

परिजनों के अनुसार, शिवानी ने पति के साथ जाने से इनकार कर दिया। उसका कहना था कि वह अपनी इच्छा से जहां चाहेगी, वहीं जाएगी और पति के साथ नहीं रहेगी। काफी देर तक बातचीत चलती रही, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी।

मां के पास जाने की उम्मीद में थी मासूम गुंजन

परिवार के लोगों के अनुसार, पांच वर्षीय गुंजन पिछले दो दिनों से अपनी मां से मिलने के लिए व्याकुल थी। उसे उम्मीद थी कि थाने में बातचीत के बाद उसकी मां उसके साथ घर लौट जाएगी।

मासूम बच्ची पूरे समय अपनी मां को उम्मीद भरी नजरों से देखती रही। परिवार का कहना है कि वह इस विश्वास में थी कि अब उसे फिर से मां का स्नेह मिलेगा और पूरा परिवार एक साथ घर जाएगा।

सड़क पार करते समय हुआ दर्दनाक हादसा

इसी दौरान एक दर्दनाक घटना ने सब कुछ बदल दिया। बताया गया कि सड़क के दूसरी ओर मौजूद बच्ची के नाना ने उसे अपनी ओर बुलाया। गुंजन जैसे ही सड़क पार करने लगी, तभी तेज रफ्तार से आए एक वाहन ने उसे टक्कर मार दी।

हादसे में गंभीर रूप से घायल गुंजन को उसके पिता तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मासूम की मौत से पूरे परिवार में कोहराम मच गया।

घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

हादसे के बाद परिजन सदमे में आ गए। पिता संजू घायल बच्ची को गोद में उठाकर अस्पताल की ओर दौड़े। परिवार के अन्य सदस्य भी लगातार रोते-बिलखते रहे। मासूम गुंजन की मौत से गांव और आसपास के क्षेत्र में भी शोक का माहौल बन गया।

घटना के बाद मौजूद लोगों ने भी इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया।

दो वर्षीय किट्टू पर भी टूटा दुखों का पहाड़

इस दर्दनाक हादसे का सबसे गहरा असर गुंजन की दो वर्षीय छोटी बहन किट्टू पर भी पड़ा। परिजनों ने बताया कि गुंजन अपनी छोटी बहन के साथ हर समय खेलती थी और उसे हंसाती रहती थी।

घटना के बाद किट्टू अपने नाना की गोद में सहमी हुई नजर आई। परिवार के लोग उसे संभालने की कोशिश करते रहे, लेकिन पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

घटना ने छोड़ दिए कई भावनात्मक सवाल

मैनपुरी की यह घटना केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि एक ऐसे पारिवारिक विवाद के बीच हुई त्रासदी है जिसने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। थाने में पारिवारिक विवाद सुलझाने की कोशिश चल रही थी, लेकिन उसी दौरान हुए हादसे ने एक मासूम की जिंदगी छीन ली।

यह घटना पारिवारिक संबंधों, बच्चों की भावनाओं और सड़क सुरक्षा जैसे कई गंभीर मुद्दों को भी सामने लेकर आई है।