गर्मियों में ज्यादातर लोग फ्रिज का बर्फ जैसा ठंडा पानी पीना पसंद करते हैं, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार जरूरत से ज्यादा ठंडा पानी गले और पाचन के लिए नुकसानदायक हो सकता है। यही कारण है कि आज भी कई घरों में मिट्टी के मटके का पानी सबसे अच्छा और नेचुरल विकल्प माना जाता है। मटके का पानी शरीर को धीरे-धीरे ठंडक पहुंचाता है और इसका स्वाद भी अलग तरह की ताजगी देता है। हालांकि कई लोग शिकायत करते हैं कि उनका मटका पानी को पर्याप्त ठंडा नहीं कर पाता। ऐसे में कुछ आसान देसी तरीके मटके के पानी को और ज्यादा ठंडा बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

मटके का पानी ज्यादा ठंडा कैसे करें?

मटके को ठंडा रखने का सबसे पुराना और असरदार तरीका है उसे गीले कपड़े से ढकना। मटके के चारों ओर गीला कपड़ा या बोरी लपेटने से कपड़े का पानी धीरे-धीरे सूखता है और इस प्रक्रिया में मटके की गर्मी बाहर निकलती रहती है। इससे अंदर का पानी लंबे समय तक ठंडा बना रहता है। तेज गर्मी में दिन में दो-तीन बार कपड़े को दोबारा गीला करना फायदेमंद माना जाता है। गांवों में यह तरीका लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है और आज भी काफी कारगर माना जाता है।

मटके को कहां रखना चाहिए?

मटके की ठंडक इस बात पर भी निर्भर करती है कि उसे कहां रखा गया है। अगर मटके को किचन के गर्म हिस्से या धूप वाली जगह पर रखा जाए तो पानी जल्दी गर्म हो सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि मटके को हमेशा ऐसी जगह रखना चाहिए जहां हवा का अच्छा प्रवाह हो। खिड़की, बालकनी या कोई ठंडी और हवादार जगह इसके लिए सबसे बेहतर मानी जाती है। हवा मिट्टी को ठंडा बनाए रखने में मदद करती है, जिससे पानी जल्दी ठंडा होता है।

नए मटके को इस्तेमाल करने से पहले क्या करें?

अगर आपने नया मटका खरीदा है तो उसे तुरंत इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। पहले उसे 10 से 12 घंटे तक साफ पानी में भिगोकर रखना जरूरी होता है। ऐसा करने से मिट्टी के छोटे-छोटे छिद्र खुल जाते हैं और मटका पानी को बेहतर तरीके से ठंडा कर पाता है। कई लोग इस जरूरी स्टेप को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसकी वजह से नया मटका सही कूलिंग नहीं दे पाता।

इन बातों का भी रखें ध्यान

मटके को सीधे फर्श पर रखने से बचना चाहिए, क्योंकि गर्म फर्श की गर्मी मटके तक पहुंचकर पानी को जल्दी गर्म कर सकती है। बेहतर होगा कि मटके को लकड़ी के तख्ते, स्टूल, ईंट या किसी स्टैंड पर रखा जाए। कुछ लोग मटके के नीचे गीली रेत भी रखते हैं, जिससे ठंडक लंबे समय तक बनी रहती है। इसके अलावा मटके का पानी रोज बदलना और समय-समय पर उसकी सफाई करना भी जरूरी है। पुराना पानी धीरे-धीरे अपना स्वाद और ठंडक दोनों खो देता है। सफाई के लिए हल्के गुनगुने पानी और मुलायम ब्रश का इस्तेमाल करना चाहिए। तेज केमिकल या साबुन मिट्टी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। सही देखभाल के साथ मटके का पानी गर्मियों में नेचुरल कूलिंग का बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।