नवीदुल हसन

हैदराबाद में 76 पुलिस कुत्ते हुए तैयार, अपराधियों को पकड़ने और विस्फोटक खोजने में करेंगे मदद

हैदराबाद के मोइनाबाद स्थित Integrated Intelligence Training Academy (IITA) में मंगलवार को पुलिस कुत्तों की 25वीं बैच की पासिंग आउट परेड आयोजित की गई। आठ महीने की कड़ी ट्रेनिंग के बाद 76 कुत्ते और 105 हैंडलर (प्रशिक्षक) सफलतापूर्वक पास आउट हुए।

इन 76 कुत्तों में बेल्जियन मेलिनोइस, लैब्राडोर, कॉकर स्पैनियल, जर्मन शेफर्ड और बीगल नस्ल के कुत्ते शामिल हैं। इनमें से 42 कुत्ते तेलंगाना पुलिस के लिए, 30 बिहार CID के लिए और 4 Central Industrial Security Force (CISF) के लिए तैयार किए गए हैं। अब इन्हें अलग-अलग सुरक्षा और जांच कार्यों में तैनात किया जाएगा।

परेड के दौरान कुत्तों ने अपनी अनुशासन, फुर्ती और आज्ञाकारिता का प्रदर्शन किया। यह उनकी महीनों की मेहनत और अपने हैंडलर के साथ मजबूत तालमेल का नतीजा है। ये प्रशिक्षित कुत्ते अपराधियों का पीछा करने, बम और नशीले पदार्थों का पता लगाने और खुफिया अभियानों में अहम भूमिका निभाते हैं।

इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) विजय कुमार ने कहा कि ये कुत्ते पुलिस बल के “सबसे भरोसेमंद मूक सैनिक” हैं। उन्होंने बताया कि ये सिर्फ साथी नहीं, बल्कि अपराध रोकने और सुलझाने में पुलिस के अहम सहयोगी हैं। उन्होंने कहा कि कुत्ते और उनके हैंडलर के बीच मजबूत रिश्ता ही उनकी सफलता की कुंजी है।

इंटेलिजेंस सिक्योरिटी विंग (ISW) के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी वीबी कमलासन रेड्डी ने बताया कि यह प्रशिक्षण केंद्र वर्ष 2004 में स्थापित किया गया था और अब यह देश के प्रमुख डॉग ट्रेनिंग संस्थानों में से एक बन चुका है। अब तक यहां 919 पुलिस कुत्तों और 1,310 हैंडलरों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

उन्होंने यह भी बताया कि तेलंगाना पुलिस ने 67वीं और 68वीं ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट में क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक जीते हैं, जो इस अकादमी के उच्च प्रशिक्षण स्तर को दर्शाता है।

अकादमी में 650 गज का खास ‘सूंघने का पार्क’ (ओल्फैक्शन पार्क) और आधुनिक पशु अस्पताल भी है, जहां कुत्तों की सेहत और फिटनेस का पूरा ध्यान रखा जाता है।