आजकल कई लोग सुबह बिना चीनी वाली चाय या कॉफी पीकर खुद को पूरी तरह हेल्दी मानने लगे हैं। उन्हें लगता है कि अगर उन्होंने चीनी छोड़ दी, तो डायबिटीज का खतरा भी खत्म हो जाएगा। लेकिन मुंबई के सैफी अस्पताल की एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. शहला शेख के अनुसार, सच्चाई इससे कहीं ज्यादा गंभीर है। सिर्फ चाय या कॉफी में चीनी न लेने भर से डायबिटीज नहीं रुकती। आज बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी डायबिटीज का शिकार हो रहे हैं, जो चीनी का सेवन बेहद कम करते हैं।
डॉ. शहला शेख ने TOI को बताया कि कई लोग यह मान लेते हैं कि चाय और कॉफी में चीनी छोड़ देना ही डायबिटीज से बचाव के लिए काफी है, जबकि ऐसा नहीं है। ब्लड शुगर को प्रभावित करने वाली कई दूसरी आदतें इससे कहीं ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती हैं। असली समस्या हमारी रोजमर्रा की लाइफस्टाइल में छिपी हुई है। सुबह से शाम तक लगातार कुर्सी पर बैठे रहना, पर्याप्त नींद न लेना, तनाव में रहना और प्रोसेस्ड फूड खाना धीरे-धीरे शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचाता है। ऑफिसों में घंटों लैपटॉप के सामने बैठे रहना अब आम बात हो गई है। कई लोग 8 से 10 घंटे तक अपनी सीट से मुश्किल से उठते हैं और यही आदत शरीर को इंसुलिन के प्रति कमजोर बनाने लगती है।
क्या लंबे समय तक बैठे रहने से बढ़ता है डायबिटीज का खतरा?
रिसर्च के मुताबिक, रोज लंबे समय तक बैठे रहने से डायबिटीज का खतरा तेजी से बढ़ सकता है। जब शरीर पर्याप्त एक्टिव नहीं रहता, तो मांसपेशियां ग्लूकोज का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पातीं। इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ने लगता है और धीरे-धीरे ब्लड शुगर कंट्रोल से बाहर जा सकता है। डॉ. शहला शेख के अनुसार, लगातार बैठे रहने वाली लाइफस्टाइल डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों का बड़ा कारण बन चुकी है। उन्होंने इसे स्मोकिंग जितना नुकसानदायक तक बताया।
नींद की कमी भी बन सकती है बड़ा कारण
सिर्फ लंबे समय तक बैठे रहना ही नहीं, बल्कि नींद की कमी भी शरीर पर गहरा असर डालती है। आजकल ज्यादातर लोग देर रात तक मोबाइल इस्तेमाल करते हैं या काम में लगे रहते हैं और सुबह जल्दी उठ जाते हैं। इससे शरीर को पूरा आराम नहीं मिल पाता। इसका सीधा असर ब्लड शुगर पर पड़ता है। कई स्टडीज में पाया गया है कि कम नींद लेने से इंसुलिन सेंसिटिविटी घट जाती है, यानी शरीर इंसुलिन का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता। इसके साथ ही शरीर में कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन बढ़ने लगते हैं, जो ब्लड शुगर को और बिगाड़ सकते हैं।
बिना मीठा खाए भी क्यों बढ़ सकती है ब्लड शुगर?
तनाव भी डायबिटीज का एक बड़ा कारण बनता जा रहा है। लगातार तनाव में रहने से शरीर ज्यादा ग्लूकोज रिलीज करने लगता है। यही वजह है कि कई लोग ज्यादा मीठा खाए बिना भी हाई ब्लड शुगर की समस्या से जूझने लगते हैं। इसके अलावा बाजार में मिलने वाले कई शुगर फ्री प्रोडक्ट्स भी लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। किसी पैकेट पर शुगर फ्री लिखा होने का मतलब यह नहीं कि वह पूरी तरह हेल्दी है। कई ऐसे प्रोडक्ट्स में रिफाइंड मैदा, प्रोसेस्ड ऑयल और हाई कार्बोहाइड्रेट मौजूद होते हैं, जो ब्लड शुगर बढ़ा सकते हैं।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि डायबिटीज से बचने के लिए सिर्फ चीनी कम करना काफी नहीं है। रोज थोड़ा चलना, हर घंटे सीट से उठना, फाइबर और प्रोटीन वाला खाना खाना, तनाव कम करना और 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेना ज्यादा जरूरी है। क्योंकि असली फर्क सिर्फ चाय में चीनी छोड़ने से नहीं, बल्कि पूरी लाइफस्टाइल बदलने से पड़ता हैं
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
