मेडिकल कॉलेज में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और परिसर में बड़ा हंगामा देखने को मिला। MBBS छात्रों ने आरोप लगाया है कि हॉस्टल की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है न तो पर्याप्त साफ-सफाई है, न ही पानी, बिजली और रहने की उचित व्यवस्था। कई छात्रों ने कहा कि हॉस्टल में लंबे समय से समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुधार नहीं किया गया।

इसी तरह क्लासरूम की स्थिति को लेकर भी छात्रों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कई क्लासरूम में जरूरी सुविधाएं जैसे उचित बैठने की व्यवस्था, वेंटिलेशन, प्रोजेक्टर और अन्य शैक्षणिक संसाधनों की भारी कमी है, जिससे पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। छात्रों ने इसे मेडिकल शिक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ बताया है।

स्थिति से नाराज MBBS छात्रों ने एकजुट होकर कॉलेज परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन लगातार उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है और सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित रह गया है। प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और कुछ समय के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति भी बनी रही।

छात्रों ने साफ कहा कि जिस तरह की लापरवाही सामने आ रही है, वह भविष्य के डॉक्टरों के साथ अन्याय है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच समिति गठित करने और जल्द सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। हालांकि, छात्र प्रशासन के आश्वासन से संतुष्ट नहीं दिख रहे हैं और तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।

यह पूरा मामला अब शिक्षा व्यवस्था और मेडिकल कॉलेजों की बुनियादी सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, और सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।