जालंधर:
आज के समय में जहां उच्च शिक्षा की लागत लगातार बढ़ रही है, वहीं छात्रों के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा होता है—क्या पढ़ाई के साथ कमाई भी संभव है? इसी सवाल का जवाब देने की कोशिश कर रहा है लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी का नया मॉडल, जो छात्रों को कॉलेज के दौरान ही कमाई के अवसर उपलब्ध कराने पर फोकस कर रहा है।
यूनिवर्सिटी का दावा है कि वह शिक्षा को सिर्फ डिग्री तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे स्किल और रोजगार से जोड़ना चाहती है। इसके तहत छात्रों को पार्ट-टाइम जॉब, इंटर्नशिप, फ्रीलांसिंग और ऑन-कैंपस वर्क के जरिए कमाने का मौका दिया जा रहा है। इससे छात्र न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनते हैं, बल्कि उन्हें इंडस्ट्री का वास्तविक अनुभव भी मिलता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल छात्रों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। पढ़ाई के साथ काम करने से जहां एक ओर उनकी स्किल्स विकसित होती हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हें समय प्रबंधन और जिम्मेदारी का भी अनुभव मिलता है। यह अनुभव आगे चलकर उनके करियर में काफी मददगार होता है।
छात्रों का कहना है कि इस तरह के अवसर उन्हें आत्मविश्वास देते हैं। कई छात्र अपने खर्च खुद उठाने लगे हैं, जिससे परिवार पर आर्थिक बोझ भी कम होता है। कुछ छात्रों ने तो कॉलेज के दौरान ही अपनी छोटी-छोटी स्टार्टअप पहल भी शुरू कर दी है।
हालांकि, कुछ विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि पढ़ाई और काम के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। अगर छात्र काम में ज्यादा समय देने लगें, तो उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि इस मॉडल को सही तरीके से लागू किया जाए और छात्रों को उचित मार्गदर्शन दिया जाए।
भारत में अब धीरे-धीरे शिक्षा का स्वरूप बदल रहा है। पहले जहां कॉलेज सिर्फ पढ़ाई का केंद्र होता था, अब वह करियर की तैयारी का प्लेटफॉर्म बनता जा रहा है। इस बदलाव में LPU जैसे संस्थानों की पहल को एक नई दिशा के रूप में देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, पढ़ाई के साथ कमाई का यह मॉडल न सिर्फ छात्रों को आत्मनिर्भर बना रहा है, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए बेहतर तरीके से तैयार भी कर रहा है। अगर यह मॉडल सफल रहता है, तो आने वाले समय में अन्य विश्वविद्यालय भी इसे अपनाने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।
