गंभीर बीमारियों और मेडिकल इमरजेंसी के मामलों में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या इंसान केवल एक फेफड़े के सहारे जीवन जी सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, जवाब है—हाँ। इंसान एक फेफड़े के साथ भी सामान्य जीवन जी सकता है, बशर्ते बचा हुआ फेफड़ा स्वस्थ और सही तरीके से काम कर रहा हो।
दरअसल, हमारे शरीर में मौजूद दोनों फेफड़े मिलकर सांस लेने की प्रक्रिया को आसान बनाते हैं, लेकिन यदि किसी कारणवश एक फेफड़ा हटाना पड़े, तो दूसरा फेफड़ा धीरे-धीरे खुद को एडजस्ट कर लेता है और शरीर की ऑक्सीजन की जरूरतों को पूरा करने लगता है।
गंभीर निमोनिया में क्या होता है
निमोनिया एक गंभीर फेफड़ों का संक्रमण है, जिसमें फेफड़ों में सूजन और पस भरने लगती है। सामान्य मामलों में दवाओं और ऑक्सीजन थेरेपी से मरीज ठीक हो जाता है, लेकिन जब संक्रमण बहुत ज्यादा फैल जाता है या फेफड़ा पूरी तरह खराब हो जाता है, तब स्थिति जानलेवा बन सकती है।
कुछ बेहद गंभीर मामलों में ECMO (Extracorporeal Membrane Oxygenation) जैसी तकनीक का भी सहारा लिया जाता है, जो शरीर के बाहर खून में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करती है।
आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने यह साबित कर दिया है कि गंभीर परिस्थितियों में भी इंसान की जान बचाई जा सकती है। सही समय पर इलाज और डॉक्टरों की सतर्कता से न सिर्फ निमोनिया जैसी खतरनाक बीमारी पर काबू पाया जा सकता है, बल्कि जरूरत पड़ने पर एक फेफड़े के सहारे भी जीवन को आगे बढ़ाया जा सकता है।
