ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद एक बार फिर कूटनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनती नजर आ रही है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने से पहले पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से अहम मुलाकात की। इस बैठक को क्षेत्रीय हालात और संभावित मध्यस्थता के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पाकिस्तान में ईरानी दूतावास ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए दी। इस बैठक में पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी, ईरान के राजदूत और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। चर्चा के दौरान दोनों देशों ने क्षेत्रीय सुरक्षा, मौजूदा हालात और आपसी संबंधों पर बात की।
इस्लामाबाद पहुंचने के बाद अराघची ने कहा कि उनका यह दौरा बेहद अहम समय पर हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस यात्रा का मकसद पाकिस्तान, ओमान और रूस जैसे देशों के साथ मिलकर मौजूदा स्थिति पर बातचीत करना और समाधान की दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ मिलकर हालात को संभालना चाहता है।
इसी बीच अमेरिका की तरफ से भी कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर के इस्लामाबाद पहुंचने की खबर है। हालांकि, ईरान ने फिलहाल अमेरिका के साथ सीधे बातचीत से इनकार किया है, जबकि अमेरिका का कहना है कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लीविट ने कहा कि हाल के दिनों में ईरान की ओर से कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं और उम्मीद है कि पाकिस्तान में होने वाली बातचीत से कोई ठोस नतीजा निकल सकता है। दूसरी तरफ ईरान का कहना है कि वह अपने विचार सीधे बातचीत के बजाय पाकिस्तान के जरिए साझा करेगा।
कुल मिलाकर, इस्लामाबाद में चल रही ये कूटनीतिक हलचल इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में तनाव को कम करने के लिए कोशिशें जारी हैं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि इन बातचीतों से कोई ठोस समझौता निकल पाएगा या नहीं।
