मिडिल ईस्ट में इन दिनों एक अजीब लेकिन चर्चा में रहने वाला दावा सुर्खियों में है क्या अमेरिका और इजरायल “बादल चुरा” रहे हैं? यह सवाल तब उठा जब इराक के एक सांसद ने आरोप लगाया कि कृत्रिम तकनीकों के जरिए उनके देश की बारिश को प्रभावित किया जा रहा है, जिससे सूखा बढ़ रहा है।

सांसद का दावा है कि उन्नत मौसम-नियंत्रण तकनीक (जैसे क्लाउड सीडिंग या अन्य गुप्त प्रयोग) के माध्यम से पड़ोसी क्षेत्रों या शक्तिशाली देश बादलों की दिशा बदल सकते हैं। उनके अनुसार, यही कारण है कि इराक में अपेक्षित वर्षा नहीं हो रही और जल संकट गहरा रहा है।

हालांकि वैज्ञानिक समुदाय इन आरोपों को काफी हद तक खारिज करता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि “क्लाउड थेफ्ट” यानी बादल चोरी करने जैसी कोई प्रमाणित तकनीक मौजूद नहीं है जो बड़े स्तर पर एक देश से बादल हटाकर दूसरे देश में बारिश करा सके। क्लाउड सीडिंग जरूर होती है, लेकिन इसका असर सीमित और स्थानीय होता है यह किसी पूरे क्षेत्र के मौसम को कंट्रोल नहीं कर सकती।

विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि मिडिल ईस्ट में सूखे की असली वजहें जलवायु परिवर्तन, बढ़ता तापमान, और पानी के संसाधनों का अत्यधिक दोहन हैं। इन कारणों से इराक समेत कई देशों में बारिश के पैटर्न बदल रहे हैं।

इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे साजिश मान रहे हैं, तो कई इसे वैज्ञानिक आधार से परे बता रहे हैं। कुल मिलाकर, “क्लाउड थेफ्ट” का दावा अभी तक ठोस सबूतों से रहित है और इसे ज्यादा तर एक राजनीतिक या भावनात्मक बयान माना जा रहा है, न कि स्थापित वैज्ञानिक तथ्य।