नई दिल्ली। Paytm Payments Bank को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की याचिका पर Paytm Payments Bank की विंडिंग-अप (बंद करने) की प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है। अदालत के इस आदेश के बाद बैंक की परिसंपत्तियों, देनदारियों और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए एक आधिकारिक लिक्विडेटर नियुक्त किया गया है। हालांकि, इस फैसले के बाद ग्राहकों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या Paytm ऐप, Wallet, UPI, QR Code और अन्य डिजिटल सेवाएं भी बंद हो जाएंगी? RBI ने इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि ग्राहकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने बैंक को बंद करने की प्रक्रिया को दी मंजूरी
दिल्ली हाईकोर्ट ने 8 जुलाई और 22 जुलाई 2026 के आदेशों के आधार पर Paytm Payments Bank की विंडिंग-अप प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान की। अदालत ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक गिरिकुमार एम. नायर को बैंक का आधिकारिक लिक्विडेटर नियुक्त किया है।
अब बैंक की परिसंपत्तियों, देनदारियों और सभी कानूनी प्रक्रियाओं की निगरानी लिक्विडेटर के अधीन होगी। RBI के अनुसार, 8 जुलाई 2026 से बैंक के निदेशक मंडल के सभी अधिकार आधिकारिक लिक्विडेटर को सौंप दिए गए हैं और आगे की पूरी प्रक्रिया उन्हीं की देखरेख में पूरी की जाएगी।
RBI ने क्यों रद्द किया था बैंक का लाइसेंस
भारतीय रिजर्व बैंक ने अप्रैल 2026 में Paytm Payments Bank का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया था। केंद्रीय बैंक का कहना था कि बैंक लगातार नियामकीय नियमों का पालन करने में विफल रहा और उसका संचालन जमाकर्ताओं के हितों के अनुरूप नहीं पाया गया।
इससे पहले मार्च 2022 में RBI ने बैंक को नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया था। इसके बाद जनवरी और फरवरी 2024 में भी बैंक पर कई प्रतिबंध लगाए गए, जिनमें नए डिपॉजिट स्वीकार करने, खातों में राशि जमा करने और वॉलेट टॉप-अप जैसी सेवाओं पर रोक शामिल थी। लगातार नियामकीय उल्लंघनों के बाद अंततः बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया गया।
क्या Paytm Wallet, UPI और QR Code बंद हो जाएंगे?
हाईकोर्ट के आदेश के बाद सबसे अधिक चिंता इसी बात को लेकर जताई जा रही है कि क्या Paytm की डिजिटल सेवाएं भी प्रभावित होंगी। इसका उत्तर है—नहीं।
Paytm Payments Bank पर की गई कार्रवाई केवल बैंकिंग इकाई तक सीमित है। Paytm ऐप की अधिकांश डिजिटल सेवाएं अलग संस्थाओं और विभिन्न बैंकिंग साझेदारों के माध्यम से संचालित होती हैं। Paytm पहले ही अपनी UPI सेवाओं को Yes Bank सहित अन्य साझेदार बैंकों के साथ जोड़ चुका है।
ऐसे में ग्राहक पहले की तरह UPI भुगतान, QR Code स्कैन, Soundbox, Merchant Payment और अन्य डिजिटल भुगतान सेवाओं का उपयोग करते रहेंगे।
Wallet और खाते में जमा पैसे का क्या होगा?
यदि किसी ग्राहक के Paytm Payments Bank खाते या Wallet में अभी भी राशि मौजूद है तो उसे लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है।
RBI पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि बैंक के पास जमाकर्ताओं की राशि लौटाने के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध है। अब अदालत द्वारा नियुक्त आधिकारिक लिक्विडेटर कानून के अनुसार बैंक की परिसंपत्तियों और देनदारियों का निपटारा करेगा तथा ग्राहकों की राशि वापस करने की प्रक्रिया भी उसी के निर्देशों के अनुसार पूरी की जाएगी।
लिक्विडेटर की क्या होगी जिम्मेदारी
दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त आधिकारिक लिक्विडेटर गिरिकुमार एम. नायर अब Paytm Payments Bank से जुड़े सभी प्रशासनिक और कानूनी निर्णयों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
उनके पास बैंक की परिसंपत्तियों का प्रबंधन, देनदारियों का निपटारा, ग्राहकों के दावों की जांच और भुगतान प्रक्रिया को पूरा कराने की जिम्मेदारी होगी। बैंक के बोर्ड के सभी अधिकार अब आधिकारिक रूप से लिक्विडेटर के पास हैं।
क्या Paytm की मूल कंपनी पर पड़ेगा असर?
इस पूरी प्रक्रिया का प्रभाव One97 Communications Limited, जो Paytm की मूल कंपनी है, के मुख्य कारोबार पर नहीं पड़ेगा।
Paytm का Payment Gateway, UPI, QR Code, Soundbox, Merchant Services और Paytm Money जैसी सेवाएं अलग संस्थाओं तथा विभिन्न बैंकिंग भागीदारों के माध्यम से संचालित होती हैं। इसलिए सामान्य ग्राहकों के लिए Paytm ऐप का उपयोग पहले की तरह जारी रहेगा और रोजमर्रा के डिजिटल भुगतान में किसी प्रकार की बाधा आने की संभावना नहीं है।
ग्राहकों के लिए क्या है सबसे महत्वपूर्ण बात
RBI और अदालत के आदेशों के अनुसार Paytm Payments Bank की विंडिंग-अप प्रक्रिया कानूनी नियमों के तहत पूरी की जाएगी। जिन ग्राहकों की राशि बैंक में जमा है, उनके हितों की सुरक्षा के लिए आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जाएगी। वहीं, Paytm ऐप की प्रमुख डिजिटल सेवाएं पहले की तरह संचालित होती रहेंगी, जिससे UPI भुगतान, QR Code, Soundbox और अन्य ऑनलाइन भुगतान सुविधाओं का उपयोग करने वाले ग्राहकों को किसी अतिरिक्त परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
