भोपाल। मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सरकार और किसान संगठनों के बीच एक बार फिर हुई लंबी बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। राज्य सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर मूंग खरीदी की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया, लेकिन किसानों ने इसे अपर्याप्त बताते हुए आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर दिया। किसानों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांग 100 प्रतिशत मूंग की एमएसपी पर खरीदी है और जब तक यह पूरी नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
शिवराज सिंह चौहान के आवास तक पहुंचा किसानों का प्रदर्शन
बुधवार शाम आंदोलनरत किसान भोपाल में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आवास के बाहर पहुंच गए और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। इसके बाद बड़ी संख्या में किसान रोशनपुरा चौराहे पर एकत्र हो गए। यह स्थान मुख्यमंत्री आवास से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर डटे रहने का संकल्प दोहराया।
बैरिकेड पार कर राजधानी पहुंचे हजारों किसान
रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान किसानों ने नर्मदापुरम हाईवे पर लगाए गए बैरिकेड पार कर दिए और हजारों की संख्या में भोपाल के रोशनपुरा चौराहे तक पहुंच गए। इसके बाद राज्य सचिवालय में सरकार के प्रतिनिधियों और किसान नेताओं के बीच विस्तृत चर्चा हुई। सरकार ने कई रियायतों की घोषणा करते हुए एमएसपी पर मूंग खरीदी की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा, लेकिन किसान संगठनों ने इसे पर्याप्त नहीं माना।
सरकार ने खरीदी सीमा बढ़ाने का किया ऐलान
किसान कल्याण मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि किसान प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के बाद राज्य सरकार ने पात्र किसानों की मूंग उपज की एमएसपी खरीद सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। संशोधित व्यवस्था के अनुसार प्रति एकड़ लगभग तीन क्विंटल तक मूंग की खरीदी की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा ताकि किसानों को अधिक लाभ मिल सके।
किसानों ने कहा- हमारी मुख्य मांग अब भी अधूरी
सरकार की घोषणा के बावजूद किसान नेताओं ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी मूल मांग पूरी नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि सरकार ने केवल आंशिक राहत देने का प्रयास किया है, जबकि उनकी मांग 100 प्रतिशत मूंग की एमएसपी पर खरीद की है। एक किसान ने कहा कि सरकार ने किसानों को केवल "लॉलीपॉप" थमाया है और वास्तविक समाधान नहीं दिया। इसी कारण आंदोलन जारी रहेगा। इससे पहले मंगलवार को भी सरकार और किसानों के बीच हुई बातचीत किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची थी।
केंद्र और राज्य सरकार के बीच हुआ पत्राचार
इस पूरे विवाद के बीच किसान कल्याण मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मूंग खरीदी की सीमा बढ़ाने का आग्रह किया था। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 के लिए मध्य प्रदेश में 4,54,580 मीट्रिक टन मूंग की खरीद को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है।
शिवराज सिंह चौहान ने क्या कहा?
अपने पत्र में शिवराज सिंह चौहान ने लिखा कि विभिन्न राज्यों के लिए स्वीकृत मूंग खरीदी में मध्य प्रदेश को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि पूरे देश में राज्यों के लिए स्वीकृत मूंग खरीदी का लगभग 87 प्रतिशत हिस्सा अकेले मध्य प्रदेश को मिला है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार अलग से खरीद सीमा निर्धारित नहीं करती, बल्कि पीएम-आशा योजना के तहत राज्यों को खरीद की मंजूरी प्रदान करती है।
पीएम-आशा योजना के तहत मध्य प्रदेश को मिली सबसे बड़ी मंजूरी
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस वर्ष पीएम-आशा योजना के तहत देशभर में कुल 5,23,243 मीट्रिक टन मूंग खरीदी जानी है। इसमें उत्तर प्रदेश के लिए 48,298 मीट्रिक टन, हरियाणा के लिए 2,115 मीट्रिक टन और मध्य प्रदेश के लिए सर्वाधिक 4,54,580 मीट्रिक टन मूंग खरीद की मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्यों को योजना के तहत खरीद की अनुमति दी जाती है और शेष व्यवस्था संबंधित राज्य सरकारों को करनी होती है।
किसानों की मांग और सरकार की चुनौती
किसान संगठन लगातार 100 प्रतिशत मूंग की एमएसपी पर खरीदी की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि उपलब्ध प्रावधानों के तहत किसानों को अधिकतम राहत देने का प्रयास किया गया है। दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने रहने के कारण फिलहाल आंदोलन समाप्त होने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं।
