देशभर में एक बार फिर मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव (Deep Depression) और विभिन्न चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के प्रभाव से उत्तर भारत, पूर्वी भारत और पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, राजस्थान समेत कुल 18 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के तटीय क्षेत्रों के ऊपर एक गहरा दबाव बना हुआ है। इसके साथ ही मध्य उत्तर प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इन सभी मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं और अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई राज्यों में व्यापक वर्षा होने की संभावना है।

दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम का मिजाज बदलने वाला है। पिछले कई दिनों से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को मंगलवार से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने राजधानी और आसपास के इलाकों में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान में गिरावट आने और मौसम सुहावना होने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। वहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में भी लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क बंद होने और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा बना हुआ है। इन राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ स्थानों पर 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही बिजली गिरने और जलभराव की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। प्रशासन को आवश्यक तैयारियां करने और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने इस सिस्टम के कारण आने वाले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है। मौसम विभाग ने नागरिकों से नियमित मौसम अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।