लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) को लेकर बड़ा राजनीतिक दावा किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सपा में बड़ी टूट देखने को मिलेगी। उनका कहना है कि जिस तरह पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल देखने को मिल रही है, उसी तरह उत्तर प्रदेश में भी बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हो सकता है राजभर ने दावा किया कि सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र सौंपा है। उन्होंने कहा कि खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट घोटाले का मास्टरमाइंड कौन है, यह पूरा उत्तर प्रदेश जानता है। जैसे-जैसे जांच एजेंसियों का शिकंजा कस रहा है, समाजवादी पार्टी की बेचैनी बढ़ रही है।

ओमप्रकाश राजभर Source : Pexel
सपा में 100 फीसदी टूट होगी
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि "राजभर जो बोलता है, सीना ठोकर बोलता है। उत्तर प्रदेश में 100% समाजवादी पार्टी टूटने जा रही है।" उन्होंने दावा किया कि रामगोपाल यादव ने नेताओं और सांसदों की सूची तैयार कर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी सौंपी है। राजभर ने कहा कि उन्होंने दोनों नेताओं की मुस्कुराहट देखी है और उनका मानना है कि दोनों के बीच महत्वपूर्ण बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि पत्र में उन नेताओं और सांसदों का जिक्र है जो भाजपा के साथ आने को तैयार हैं। हालांकि उन्होंने किसी का नाम बताने से इनकार करते हुए कहा कि अभी नाम बता दिया तो पूरा खेल बिगड़ जाएगा, इसलिए कुछ दिन इंतजार करना चाहिए।
महाराष्ट्र और बंगाल का भी किया जिक्र
राजभर ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के करीब 20 सांसद असंतुष्ट हैं, जबकि महाराष्ट्र में शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के 9 में से 6 सांसदों के अलग होने की चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि इसी तरह उत्तर प्रदेश में भी बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
जांच एजेंसियों के डर से भाजपा का रुख कर रहे नेता: राजभर
सुभासपा प्रमुख ने कहा कि जिन नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की जांच चल रही है, वे अपना राजनीतिक भविष्य सुरक्षित करने के लिए भाजपा की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेताओं को भी यह एहसास है कि आगे राजनीति करनी है तो भाजपा के साथ रहना होगा। राजभर ने आरोप लगाया कि रामगोपाल यादव ने ऐसी रणनीति बनाई है जिससे परिवार की राजनीतिक स्थिति सुरक्षित रह सके। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ नेता और सांसद पहले भाजपा में शामिल हो सकते हैं, जबकि बाद में नए नेताओं को आगे लाया जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने अयोध्या प्रकरण का उल्लेख करते हुए टिन्नू यादव का नाम लिया और आरोप लगाया कि यादव समाज के कुछ नेता दलितों और पिछड़ों के साथ अन्याय करते हैं।
