
अखिलेश यादव।Source : Chrome
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। गोरखपुर पहुंचे लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील चौधरी ने दावा किया कि INDIA गठबंधन राज्य में 300 सीटें जीतकर सरकार बनाएगा। उन्होंने अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बताया और असदुद्दीन ओवैसी से भी गठबंधन में शामिल होने की अपील की।
300 सीटों का किया दावा
गोरखपुर दौरे के दौरान सुनील चौधरी ने कहा कि लोकदल आगामी विधानसभा चुनाव INDIA गठबंधन के साथ मिलकर लड़ेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि गठबंधन को 300 सीटों से अधिक सफलता मिलेगी और उत्तर प्रदेश में नई सरकार बनेगी। उनके अनुसार, गठबंधन की ओर से अखिलेश यादव मुख्यमंत्री पद का चेहरा होंगे।
ओवैसी को दिया गठबंधन में आने का न्योता
सुनील चौधरी ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से INDIA गठबंधन का हिस्सा बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि ओवैसी अलग चुनाव लड़ते हैं तो उन पर बीजेपी को फायदा पहुंचाने के आरोप लगते रहेंगे। उनका कहना था कि विपक्षी वोटों का एकजुट होना ज्यादा प्रभावी रहेगा। वहीं उन्होंने बहुजन समाज पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि लोगों की उससे अब ज्यादा उम्मीदें नहीं बची हैं।
राम मंदिर चढ़ावे के मामले पर सरकार को घेरा
राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी के मामले का जिक्र करते हुए सुनील चौधरी ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के बीच सरकार की छवि प्रभावित हुई है और इस तरह की घटनाओं से लोगों का भरोसा कमजोर होता है। साथ ही उन्होंने बीजेपी और आरएसएस पर भी तीखी टिप्पणी की।
जंतर-मंतर आंदोलन और छात्रों का किया जिक्र
उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन को छात्रों की जीत बताया। सुनील चौधरी ने कहा कि इस आंदोलन में CJP, सोनम वांगचुक, विपक्षी दलों और अन्य संगठनों का योगदान रहा, लेकिन सबसे बड़ी जीत छात्रों की है। उन्होंने कहा कि बिना जाति और धर्म का भेद किए छात्रों ने अपनी आवाज बुलंद की और भविष्य में भी युवाओं की भूमिका अहम रहेगी।
लोकतंत्र और 2029 चुनाव पर भी बोले
सुनील चौधरी ने आरोप लगाया कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर हो रही हैं। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन का उद्देश्य केवल 2027 में उत्तर प्रदेश में सरकार बनाना नहीं, बल्कि 2029 के लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी को चुनौती देना है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर बीजेपी को अपना राजनीतिक भविष्य बचाना है तो उसे अपने नेतृत्व में बदलाव पर विचार करना चाहिए।
