ere | Source: rreगाजीपुर। राष्ट्रीय पोषण माह के तहत गाजीपुर के स्नातकोत्तर महाविद्यालय (PG College) के गृह विज्ञान विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को बीए प्रथम सेमेस्टर की छात्राओं ने कॉलेज परिसर में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर संतुलित आहार, पर्याप्त पोषण और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। यह जागरूकता कार्यक्रम 8 अक्टूबर तक चलाया जाएगा।

जब पालक, अंडा और दाल बने नाटक के किरदार, छात्राओं ने ऐसे समझाया पोषण का महत्व

नुक्कड़ नाटक के माध्यम से छात्राओं ने पोषण से जुड़े विषय को रोचक और सरल तरीके से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया। अपने अभिनय और संवादों के जरिए उन्होंने बताया कि शरीर के समुचित विकास, ऊर्जा और स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित आहार का होना बेहद जरूरी है। नाटक में पालक, अंडा, दाल और हरी सब्जियों जैसे खाद्य पदार्थों को पात्रों के रूप में प्रस्तुत किया गया। इनके माध्यम से छात्राओं ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों में मौजूद पोषक तत्वों और शरीर के लिए उनके महत्व को समझाया।

ere | Source: reनाटक के जरिए बताया, हर उम्र में बदलती है पोषण की जरूरत

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने यह संदेश भी दिया कि हर व्यक्ति की पोषण संबंधी जरूरत एक जैसी नहीं होती। उम्र, शारीरिक गतिविधि और दैनिक कार्य के अनुसार शरीर को अलग-अलग मात्रा में ऊर्जा और पोषक तत्वों की आवश्यकता हो सकती है। बच्चों के शारीरिक विकास के लिए प्रोटीन सहित सभी आवश्यक पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा जरूरी होती है, जबकि अधिक शारीरिक मेहनत करने वाले लोगों को अपेक्षाकृत अधिक ऊर्जा की आवश्यकता पड़ सकती है।

डॉ. शिवानी और डॉ. भावना श्रीवास्तव ने छात्राओं की प्रस्तुति को सराहा

कार्यक्रम में गृह विज्ञान विभाग की प्रोफेसर डॉ. शिवानी और प्रवक्ता डॉ. भावना श्रीवास्तव मौजूद रहीं। दोनों ने छात्राओं की प्रस्तुति की सराहना करते हुए पोषण संबंधी जागरूकता को प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने के प्रयास की प्रशंसा की। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से छात्राओं ने स्वास्थ्य और खान-पान से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश को संवाद एवं अभिनय के जरिए लोगों के सामने रखा।

rere | Source: rer‘नुक्कड़ नाटक से गंभीर विषय को सरल तरीके से समझाना आसान’

प्रोफेसर डॉ. शिवानी ने कहा कि नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पोषण जैसे गंभीर और महत्वपूर्ण विषय को सरल तथा प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। उनका कहना है कि संवाद और अभिनय के जरिए लोगों को रोजमर्रा के खान-पान से जुड़े विषयों को सहज रूप से समझाने का अवसर मिलता है।

डॉ. भावना ने बताया, शरीर की जरूरत के हिसाब से जरूरी है पोषण

प्रवक्ता डॉ. भावना श्रीवास्तव ने बताया कि अलग-अलग उम्र और शारीरिक गतिविधि के अनुसार पोषण की जरूरतें भी बदलती रहती हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के विकास के लिए प्रोटीन सहित सभी आवश्यक पोषक तत्व महत्वपूर्ण हैं। वहीं, जो लोग अधिक शारीरिक मेहनत करते हैं, उनके शरीर को अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

65 किलो वजन वाले व्यक्ति के लिए करीब 54 ग्राम प्रोटीन का उदाहरण

कार्यक्रम के दौरान दिए गए आंकड़ों के अनुसार स्वस्थ वयस्कों के लिए प्रतिदिन लगभग 0.83 ग्राम प्रोटीन प्रति किलोग्राम शरीर-भार की जरूरत बताई गई। इस आधार पर 65 किलोग्राम वजन वाले व्यक्ति के लिए प्रतिदिन करीब 54 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता का उदाहरण दिया गया। हालांकि, वास्तविक पोषण जरूरत उम्र, शारीरिक गतिविधि और अन्य व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकती है।

छात्राओं ने युवाओं से की जंक फूड कम करने की अपील

नुक्कड़ नाटक के अंत में छात्राओं ने युवाओं सहित आम लोगों से जंक फूड के अधिक सेवन से बचने की अपील की। उन्होंने पौष्टिक और संतुलित भोजन को रोजमर्रा की जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संदेश दिया। छात्राओं ने अपने प्रदर्शन के जरिए यह बताने का प्रयास किया कि स्वस्थ जीवन के लिए खान-पान की आदतों पर ध्यान देना आवश्यक है।

8 अक्टूबर तक जारी रहेगा जागरूकता कार्यक्रम

राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर गृह विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला 8 अक्टूबर तक चलेगी। शुक्रवार को आयोजित नुक्कड़ नाटक इसी अभियान का हिस्सा रहा, जिसमें बीए प्रथम सेमेस्टर की छात्राओं ने भाग लेकर संतुलित आहार और पोषण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।