तुषार मेहता अगले तीन साल तक अपने पद पर बने रहेंगे. (Photo: PTI)तुषार मेहता अगले तीन साल तक अपने पद पर बने रहेंगे. (Photo: PTI)

महताब आलम:

केंद्र सरकार ने वरिष्ठ वकील तुषार मेहता को एक बार फिर भारत का सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया है। उन्हें तीन साल का नया कार्यकाल दिया गया है। इस फैसले से सुप्रीम कोर्ट और अन्य अदालतों में केंद्र सरकार की कानूनी पैरवी में निरंतरता बनी रहेगी।

1 जुलाई से शुरू होगा नया कार्यकाल

यह नियुक्ति कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) की मंजूरी के बाद की गई है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने 20 जून को इसकी अधिसूचना जारी की। तुषार मेहता का नया कार्यकाल 1 जुलाई 2026 से शुरू होगा और तीन साल तक या अगले आदेश तक लागू रहेगा।

लंबे समय से संभाल रहे हैं जिम्मेदारी

तुषार मेहता अक्टूबर 2018 से सॉलिसिटर जनरल के पद पर हैं। इससे पहले भी उन्हें 2023 में तीन साल के लिए दोबारा नियुक्त किया गया था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई अहम संवैधानिक और सरकारी मामलों में केंद्र सरकार का पक्ष रखा है

गुजरात के रहने वाले तुषार मेहता 2014 में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल बने थे। इसके बाद 2018 में उन्हें सॉलिसिटर जनरल की जिम्मेदारी सौंपी गई। नए कार्यकाल के साथ वह इस पद पर लंबे समय तक सेवा देने वाले अधिकारियों में शामिल हो गए हैं।

पांच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरलों को भी मिला विस्तार

कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने पांच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरलों (ASG) की पुनर्नियुक्ति को भी मंजूरी दी है। विक्रमजीत बनर्जी, के.एम. नटराज, सूर्यप्रकाश वी. राजू, एन. वेंकटरमन और ऐश्वर्या भाटी को भी तीन साल का नया कार्यकाल दिया गया है।

इसके अलावा, चेतन शर्मा को दिल्ली हाई कोर्ट में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में छह महीने के लिए फिर से नियुक्त किया गया है। उनका नया कार्यकाल 1 जुलाई 2026 से शुरू होगा।

सॉलिसिटर जनरल कौन होते हैं?

भारत के सॉलिसिटर जनरल (SG) देश के दूसरे सबसे बड़े कानून अधिकारी होते हैं। वे केंद्र सरकार को कानूनी मामलों में सलाह देते हैं और सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट में सरकार की ओर से पैरवी करते हैं। सॉलिसिटर जनरल, अटॉर्नी जनरल के अधीन कार्य करते हैं और उनकी सहायता अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल करते हैं।

सॉलिसिटर जनरल का मुख्य काम अदालतों में केंद्र सरकार का पक्ष रखना, महत्वपूर्ण कानूनी मामलों में सरकार को सलाह देना और संवैधानिक मामलों में सरकार का प्रतिनिधित्व करना होता है।