बिहार के गया जिले से एक बेहद दर्दनाक और सिस्टम पर सवाल खड़ा करने वाली घटना सामने आई है। यहां सड़क हादसे में घायल एक छात्र उज्जवल को समय पर इलाज नहीं मिल सका। पहले तो वह हादसे का शिकार हुआ, और जब उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई तो एंबुलेंस बीच रास्ते में खराब हो गई। इलाज में हुई इस देरी के कारण छात्र की मौत हो गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और इलाके में भारी आक्रोश फैल गया।

सड़क हादसे के बाद भी नहीं मिला समय पर इलाज

स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, छात्र उज्जवल एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। परिजन और स्थानीय लोग तुरंत उसे अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन इसी दौरान एंबुलेंस की हालत ने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। बताया गया कि रास्ते में एंबुलेंस खराब हो गई, जिससे घायल छात्र को समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकी। यह देरी उसके लिए जानलेवा साबित हुई।

एंबुलेंस व्यवस्था की लापरवाही पर उठा सवाल

घटना के बाद ग्रामीणों ने स्वास्थ्य व्यवस्था और एंबुलेंस सेवाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय पर और सही हालत में एंबुलेंस उपलब्ध होती, तो छात्र की जान बचाई जा सकती थी। इस घटना ने एक बार फिर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही टूट गई जिंदगी

स्थानीय लोगों के अनुसार, घायल छात्र को जैसे-तैसे दूसरी मदद से अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

लोगों का फूटा गुस्सा, जांच की मांग

छात्र की मौत के बाद स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि एंबुलेंस सेवा की लापरवाही की जांच हो और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही, ग्रामीणों ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करना अब बेहद जरूरी हो गया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।